बाड़मेर: राजस्थान के बहुचर्चित कमलेश प्रजापत एनकाउंटर मामले में सीबीआई(CBI) को जांच सौंपने के बाद अब एक नया एंगल सामने आ रहा है। अब इसमें मामले में ट्रायंगल यानि कि लव, साजिश और धोखा देखने को मिल रहा है। अब तो ये मामला किसी फ़िल्मी कहानी से कम नहीं लग रहा है रोज एक नया मोड़ कहानी में आ रहा है। अब तक इस मामले में केवल व्यापारिक प्रतिस्पर्द्धा की बात आई थी। बाड़मेर पहुंची सीबीआई (CBI)टीम के बाद परिजनों ने जो आरोप लगाए हैं, उससे पूरे मामले में नया मोड़ आ गया है।
इसमें उसकी एक प्रेमिका का भी नाम सामने आया है। आरोप है कि पुलिस एनकाउंटर में वह भी शामिल थी। उसने धोखे से कमलेश को बातों में उलझाए रखा और पुलिस ने इस मौके का फायदा उठाया। दरअसल, कमलेश प्रजापत का एनकाउंटर 22 अप्रैल की रात में हुआ था। यह कार्रवाई लगातार सवालों के घेरे में रही। अब CBI इस मामले की जांच कर रही है। सीबीआई की टीम सदर थाने पहुंची और एनकाउंटर से संबंधित तमाम जानकारियां जुटाईं।
जाने पूरी कहानी कैसे दिया धोखा…
जांच में सामने आया है कि कमलेश की एक प्रेमिका थी। यह कौन थी? और इसका क्या नाम है, अभी तक यह राज है। परिजनों ने CBI को जो ज्ञापन सौंपा है, उसमें प्रेमिका का जिक्र है। बताया गया है कि दोनों के पुराने संबंध थे। दोनों में अक्सर लंबी बातें होती रहती थीं। पुलिस ने इसका फायदा उठाया और प्रेमिका को अपने पक्ष में कर लिया। प्रेमिका ने एनकाउंटर से पहले कमलेश को बातों में उलझा कर रखा, ताकि वह वहां से भाग न सके। साथ ही, पुलिस को लोकेशन देती रही। कहा जा रहा है कि एनकाउंटर के दौरान वह प्रेमिका से वीडियो कॉल पर बातें कर रहा था। साथियों की उससे बात करने की कोशिश की लेकिन वो प्रेमिका से बात कर रहा था जिसके कारण बात नहीं हो पाई। पुलिस के लिए यह संजीवनी साबित हुई। कमलेश हाथ आया और मार दिया गया।
व्यापारिक प्रतिस्पर्धा
परिजनों ने यह भी बताया कि कमलेश ने 2014 में केके इंटरप्राइजेज फर्म बना बनायीं जिससे पचपदरा रिफायनरी में काम शुरू होने से राजस्व मंत्री व मनीष की कमलेश की फर्म को काम मिलने से व्यापारिक प्रतिस्पर्धा बढ़ गई थी। सांडेराव वाले केस से नाम हटाने के लिए मनीष ने कमलेश से 10 लाख रुपए लिए। इसके बाद भी सांडेराव पुलिस दबाव बना रही थी। कमलेश वापस मिला, तो राजस्थान के राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने उसे वहां से निकाल दिया। इस पर कमलेश ने मनीष से 10 लाख रुपए वापस मांगे। मनीष को धमकी भी दी कि रुपए लौटा देना नहीं तो मार दूंगा। तब मनीष ने कहा था कि तुम जिंदा रहोगे, तभी तो मुझे मार पाओगे।
विधायक ने सारे आरोप निराधार बताये
इस मामले में अपने बचाव में विधायक हरीश चौधरी का कहना है, मैंने खुद बोला था कि सीबीआई से जांच हो। सीबीआई जांच कर रही है। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा, जो आरोप लगा रहे हैं, वे सारे निराधार हैं। कोई एजेंसी जांच कर ले, सच तो सच ही रहेगा।
ज्ञापन आधार पर भी हो सकती है जांच
हालांकि यह सारे आरोप परिजनों की ओर से सीबीआई को सौंपे ज्ञापन में हैं। इसमें परिजनों ने उसकी प्रेमिका के साथ मिलीभगत के साथ व्यापारिक प्रतिस्पर्धा से संबंधित आरोप लगाए हैं। परिजनों ने इस संबंध में उसकी प्रेमिका की भूमिका की भी जांच करने की मांग की। कमलेश खुद शादीशुदा था। उसके दो बच्चे भी हैं। बावजूद इसके वह अपनी पत्नी को भी धोखा दे रहा था। ज्ञापन में उसकी प्रेमिका का भी जिक्र है, जिससे वह घंटों बातें करता रहता था।
यह है मामला
22 अप्रैल को सदर थाना क्षेत्र के सेंट पॉल स्कूल के पीछे एक मकान में घिरे कमलेश प्रजापत को पकड़ने गई पुलिस ने उसके गेट तोड़ कर भागने के दौरान गोली मार कर एनकाउंटर कर दिया था।
