जोधपुर: भंवरी हत्याकांड केस में राजस्थान हाईकोर्ट से मंगलवार को 6 लोगों को जमानत मिल गई है। इनमें राजस्थान के पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा, भंवरी के पति अमरचंद सहित चार अन्य शामिल हैं। इस केस में 17 लोगों में से 16 को जमानत मिल चुकी है। अब सिर्फ पूर्व विधायक मलखान सिंह की बहन इंद्रा विश्नोई ही जेल में बंद है।
काफी समय से बीमार चल रहे महिपाल मदेरणा को इलाज कराने के लिए हाईकोर्ट पूर्व में अंतिरम जमानत दे चुका था। मंगलवार को न्यायाधीश दिनेश मेहता ने उनकी नियमित जमानत स्वीकार कर ली। भंवरी के पति अमरचंद को भी मंगलवार को जमानत मिल गई। इनके अलावा कैलाश जाखड़, शहाबुद्दीन, कुंभाराम व विशनाराम को भी जमानत दी गई है। ये सभी करीब 10 वर्ष से जेल में बंद थे।
भंवरी हत्याकांड प्रकरण में सबसे पहले पूर्व मंत्री स्व. रामसिंह विश्नोई के छोटे बेटे परसराम को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा था कि यह मामला जघन्य है, लेकिन ट्रायल में विलम्ब के आधार पर किसी को भी बरसों तक जेल में नहीं रखा जा सकता है। इसी आधार पर अन्य आरोपियों ने भी हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की। हाईकोर्ट ने बारी-बारी से सभी को जमानत प्रदान कर दी।
मुख्य आरोपी महिपाल मदेरणा पर भंवरी के अपहरण व हत्या की साजिश रचने का आरोप है। शहाबुद्दीन व कुंभाराम पर भंवरी का अपहरण कर उसकी हत्या करने का आरोप है। उसके पति अमरचंद को अपहरण व हत्या की साजिश में शामिल रहने का आरोप है। गैंगस्टर विशनाराम और कैलाश जाखड़ पर भंवरी के शव को जला कर उसकी राख को राजीव गांधी लिफ्ट नहर में बहाने का आरोप है।
अब सिर्फ इंद्रा विश्नोई रह गई जेल में
भंवरी प्रकरण में गिरफ्तार कुल 17 आरोपियों में से 16 को जमानत मिल चुकी है। अब सिर्फ इंद्रा विश्नोई ही जेल में रह गई है। अन्य सभी आरोपी करीब 10 वर्ष तक जेल में रहे। इस मामले में आरोपी बनाए जाने के बाद इंद्रा फरार हो गई थी। CBI उससे पूछताछ कर चुकी थी। कई वर्ष तक इंद्रा पकड़ में नहीं आई थी। चार वर्ष पूर्व पुलिस ने उसे उज्जैन के निकट शिप्रा नदी के तट पर पकड़ा था। तब से वह जेल में है।
