ई – एजुकेशन,बिज़नेस, मैनेजमेंट और लर्निंग पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला

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ई - एजुकेशन,बिज़नेस, मैनेजमेंट और लर्निंग पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला

जयपुर: पूर्णिमा यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स की ओर से ई – एजुकेशन, ई -बिज़नेस, ई – मैनेजमेंट, ई – लर्निंग और रिसर्च पेपर राइटिंग विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला मंगलवार से शुरू हुई। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर वर्चुअली मोड पर आयोजित कार्यशाला के उद्घाटन सत्र की मुख्य अतिथि, सिग्नेचर इंटरनेशनल फूड्स इंडिया की सेल्स एंड मार्केटिंग की नेशनल हेड शिल्पा अग्रवाल थी। विशिष्ट अतिथि के रूप में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मॉस कम्युनिकेशन की प्रो संगीता प्रणवेन्द्र और भारत सरकार के इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ कॉपरेटिव अफेयर्स के नॉलेज रिसोर्स सेंटर की हेड डॉ लता सुरेश ने भाग लिया। तकनीकी सत्र में सेंट्रल यूनिवर्सिटी राजस्थान के डीन डॉ उमाशंकर, प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी, बंगलूरु के डॉ अमीर हुसैन, नीलसन के पूर्व डायरेक्टर ऑपरेशन सतीश बेलानी और यूनेस्को के डॉ रुवाड़िया अबू रास ने भाग लिया। फेकल्टी कोर्डिनेटर अनुपम पारीक, हंसा सुभनानी,जितेंद्र सोनी,डॉ उर्वशी भाम्बू और डॉ सुधि राजीव थे।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा वर्तमान दौर में ऑनलाइन शिक्षा या ई-एजुकेशन को काफी बढ़ावा मिला है। आधुनिक समय की जीवनशैली और उम्मीदों को देखते हुए शिक्षा को तकनीकी से जोड़ना जरूरी हो गया है। इ-लर्निंग का सबसे बड़ा फायदा ये है कि आप अपने हिसाब से सीख सकते है। आज थोड़ी-सी खोजबीन करके सही तकनीकी हासिल की जा सकती है। ई-लर्निंग, बिज़नेस और एजुकेशन मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर्स से दो मुख्य अपेक्षाएं की जाती हैं- रियल-टाइम सूचना और व्यक्ति विशेष के अनुसार सॉफ्टवेयर। ऐसे टूल या सॉफ्टवेयर हमारे बीच हैं जो हर तरह से टीचर, छात्र और अभिभावकों के बीच जीवन्त संपर्क बने है।

इस तरह की तकनीकें बनाकर छात्र की हर समस्या की पहचान कर सकते है साथ ही उसकी प्राथमिकताओं, क्षमताओं और उसकी जीवनशैली को ठीक से समझन सकते है। आज स्कूल से लेकर यूनिवर्सिटी तक ई-लर्निंग टूल्स तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। देश में स्मार्टफोन की संख्या बढ़ रही है और लगभग हर छात्र के पास यह मौजूद है। मोबाइल सेवा प्रदान करने वाली कंपिनयां इंटरनेट पैकेज भी मुहैया करा रही हैं जो हर दृष्टि से हमारे सीखने के लिए उपयोगी है। इस अवसर पर पूर्णिमा यूनिवर्सिटी केको फाउंडर राहुल सिंगी,प्रेसिडेंट सुरेश चंद्र पाधे, प्रो प्रेसिडेंट डॉ मनोज गुप्ता ,प्रोवेस्ट गोयल, रजिस्ट्रार चांदनी कृपलानी और डीन सुनील गुप्ता भी उपस्थित थे। प्रारम्भ में प्रेसिडेंट सुरेश चंद्र पाधे ने अतिथि और संभागियों का स्वागत किया और कार्यशाला की कन्वीनर डॉ मोनिका ओझा खत्री ने कार्यशाला विषयक जानकारी देते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

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