जयपुर: बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने राजस्थान की कांग्रेस सरकार के 3 साल को काला अध्याय बताते कहा है कि जनता की अदालत में राजस्थान की गहलोत सरकार सीधे-सीधे दोषी है। जनता 2023 में इसकी सजा कांग्रेस सरकार को देगी। वैसे पिछला चुनावी इतिहास का ट्रेंड देखें तो 21 या 56 सीटों पर कांग्रेस को संतोष करना पड़ा था ,अबकी बार टेम्पो के लायक भी विधायकों की सवारियां कांग्रेस में नहीं बचेंगी।
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने कहा है कि यह इतिहास की अब तक की नाकारा, निकम्मी, भ्रष्ट, अकर्मण्य और अराजक सरकार है। बिजली,सड़क,पानी की सुविधाओं के लिए भी लोग कांग्रेस पार्टी के राज में तरस रहे हैं। राजस्थान में वैट के कारण सबसे ज्यादा महंगा पेट्रोल-डीजल है। बिजली भी राजस्थान में सबसे ज्यादा महंगी है।
पूनियां ने आरोप लगाते हुए कहा यह शर्मनाक है कि पीसफुल स्टेट को कांग्रेस सरकार ने अपराधों की राजधानी बना दिया। राजस्थान में कांग्रेस पार्टी और सरकार अंदरूनी कलह और झगड़े में उलझी रही। पूनियां ने कहा राजभवन में दो-दो मुख्यमंत्रियों के नारे लगे। कांग्रेस के घरेलू झगड़े का असर राजस्थान की गवर्नेंस पर पड़ा।
सरकार को जश्न-उत्सव मनाने का कोई अधिकार नहीं
पूनियां ने कहा कि सरकार को जश्न-उत्सव मनाने का कोई अधिकार नहीं है। राहुल गांधी ने चुनाव से पहले किसान कर्जामाफी का वादा किया था,जो आज तक पूरा नहीं हुआ। हाल ही राहुल गांधी जयपुर आकर चले गए।लेकिन कोई घोषणा नहीं की।
उन्होंने कहा सेंटर फॉर मॉनिटरिंग ऑफ इंडियन इकोनॉमी संस्था कहती है कि सबसे ज्यादा बेरोजगारी रेट राजस्थान में है। प्रदेश में करीब 30 लाख बेरोजगार हैं। लेकिन कई भर्तियां कोर्ट और अफसरों की टेबल पर धूल खा रही हैं। कांग्रेस सरकार ने बेरोजगारों युवाओं को 3000 और युवतियों को 3500 रुपए हर महीने देने की घोषणा की थी। लेकिन केवल 1.50 लाख लोगों को ही बेरोजगारी भत्ता दिया गया।
RPSC रिश्तेदार पब्लिक सर्विस कमीशन हो गया
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने परीक्षाओं में नकल और गड़बड़ियों को लेकर कहा कि मौजूदा कांग्रेस सरकार जितने बड़े लेवल पर नकल कभी नहीं देखी। ऐसा लगता है कि RPSC रिश्तेदार पब्लिक सर्विस कमीशन हो गया हो। कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष ने अपने रिश्तेदारों को भर्ती किया। हवाई चप्पल में ब्लू टूथ के जरिए नकल के मामले आए। रीट,सब इंस्पेक्टर,जेईएन सभी परीक्षाओं में पेपर लीक हुए। उसका नतीजा यह हुआ कि राजस्थान के बेरोजगार नौजवान न्याय मांगने के लिए लखनऊ में प्रियंका गांधी के पास पीसीसी के दफ्तर पहुंच गए।
