जयपुर: राजस्थान में 21 सूत्री मांगों को लेकर पिछले 45 दिनों से धरने दे रहे बेरोजगार उत्तर प्रदेश पहुंच चुके हैं। शनिवार को उत्तर प्रदेश पहुंचे बेरोजगारों ने कांग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ता और बेरोजगारों में झड़प हो गई। जिसके बाद कांग्रेस के आला नेताओं ने समझाइश कर मामला शांत करवाया।
राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेन यादव ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार ने बेरोजगारों के साथ वादाखिलाफी की है। ऐसे में मजबूरन राजस्थान की बेरोजगार उत्तर प्रदेश में आमरण अनशन देने के लिए पहुंच गए हैं। लेकिन यहां पर भी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बेरोजगारों के साथ मारपीट की। लेकिन बेरोजगार अपनी आखरी सांस तक लंबित मांगों को लेकर संघर्ष करते रहेंगे।
वहीं बेरोजगारों का विरोध बढ़ने के बाद कांग्रेस के आला नेताओं ने एक बार फिर समझाइश का प्रयास शुरू कर दिया है। जिसके बाद एक बार फिर बेरोजगारों के साथ वार्ता पर समझौता हुआ है। ऐसे में बेरोजगारों का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 28 नवंबर को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से बातचीत करेगा। इसके बाद बेरोजगारों की बातचीत कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी से होगी।
