जयपुर: REET पेपर लीक मामले में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कई और आरोपियों को बर्खास्त करने के संकेत दिए हैं। गहलोत ने कहा हर गलती कीमत मांगती है। हर व्यक्ति की जिन्दगी में हर गलती हर क्षेत्र में कीमत मांगती है। इसलिए जिसने गलती की उसे कीमत चुकानी पड़ेगी।
गहलोत ने गाँधीजी की पुण्यतिथि कार्यक्रम में भाग लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि हर राज्य के अंदर ऐसी गैंग बन चुकी है। बिहार, यूपी के अलावा मध्यप्रदेश में भी व्यापम घोटाले की गैंग बनी। वो अलग बात है, गैंग क्यों बन रही हैं। उसका कारण देश में बेरोजगारी के हालात हैं। आज लोग नौकरी के लिए तरस रहे हैं। इसमें भयंकर करप्शन हो रहा है।
राजस्थान सरकार ने भनक लगते ही एक्शन लेकर एसओजी को जिम्मेदारी सौंपी। जिसने बहुत कम समय में वो कर दिखाया जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। कल नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने भी एसओजी की जांच का स्वागत किया है। मैं समझता हूँ थोड़ा इंतजार करना चाहिए। हमने एक्शन लेकर कई लोगों को बर्खास्त और सस्पेंड किया है। कुछ और लोगों के नाम आए और उनसे पूछताछ हुई है। धीरे-धीरे जांच आगे बढ़ेगी। जब कन्फर्म होगा कि उन लोगों के कारण ही सब कुछ हुआ है तो उन्हें बर्खास्त करने की कार्यवाही की जाएगी।
आगामी विधानसभा सत्र में बिल
गहलोत ने कहा प्रदेश सरकार हाईकोर्ट पूर्व जज की कमेटी बना रही है, ताकि भविष्य में ऐसी नौबत न आए। सरकार अगले विधानसभा सत्र में नकल और पेपर लीक मामलों के खिलाफ सख्त कानूनी प्रोविजन करने के लिए बिल लेकर आ रही है। जिससे किसी की ऐसी हरकतें करने की हिम्मत नहीं हो।
विपक्ष से मांगे सुझाव
गहलोत ने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि यह लाखों बेरोजगारों के भविष्य का सवाल है। इसलिए वह ऐसा सुझाव दे जिससे भविष्य में ऐसी नौबत न आए। केवल आलोचना करना, सीबीआई जांच मांग करना, दोबारा परीक्षा कराने की बात कहना तो बहुत आसान है। इसका फैसला करने में भी 2 मिनट लगता है, लेकिन उसका रिजल्ट क्या होगा, एग्जाम खिसक जाएंगे तो वापस कब शुरू होंगे। बाकी भर्तियां भी रुक जाएंगी। प्रदेश सरकार ने 1 लाख से ज्यादा लोगों को नौकरियां दे दी हैं। 90 हजार से ज्यादा की नौकरियों का प्रोसेस चल रहा है। क्या उन भर्तियों को भी रोक दिया जाए।
गहलोत ने कहा रीट परीक्षा में 25 लाख बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है। कुछ केन्द्रीय मंत्री,राज्य में बड़े पदों पर बैठे बीजेपी नेता बिना विचार कुछ भी बोल जाते हैं जिससे बच्चे डिमोरेलाइज और कन्फ्यूज होते हैं। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर आरोप लगाया कि वह ऐसे हालात बनाना चाहते हैं, जिससे आगे की भर्तियां इस बहाने रुक जाएं।
