जयपुर: महात्मा गांधी दर्शन म्यूजियम और महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नेंस एंड सोशल साइंसेज बनाने के मुख्यमंत्री गहलोत ने आदेश जारी कर दिए हैं। मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज और पुणे के महाराष्ट्र इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी स्कूल ऑफ गवर्नेंस जैसे नामी गिरामी इंस्टीट्यू्ट्स की तर्ज पर म्यूजियम और इंस्टीट्यूूट को खोला जाएगा।
नई पीढ़ी के युवाओं को महात्मा गांधी की शिक्षा और सिद्धांतों से रूबरू करवाने, गुड गवर्नेंस और सोशल वर्क में रोल निभाने के लिए उन्हें तैयार करने की सोच के साथ अशोक गहलोत ने राज्य बजट 2021-22 में महात्मा गांधी दर्शन म्यूजियम और महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नेंस एंड सोशल साइंसेज बनाने की घोषणा की थी। बजट घोषणा को पूरा करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने इस इंस्टीट्यूट की स्थापना के आदेश जारी कर दिए हैं।
आरपीएससी के पूर्व अध्यक्ष डॉ बीएम शर्मा होंगे डायरेक्टर
RPSC के पूर्व अध्यक्ष डॉ. बी एम शर्मा को महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट का डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। इस इंस्टीट्यूट के नियम, प्रोविजन, कोर्स तैयार करने और एक्टिविटीज के लिए एक सलाहकार कमेटी बनाई गई है। जिसमें कुमार प्रशांत, पद्मभूषण डी.आर मेहता, जी.एस बाफना, बी. एम शर्मा, गोपाल बाहेती, मनीष शर्मा, सवाई सिंह, रमेश बोराणा, महेन्द्र खड़गावत और उच्च शिक्षा विभाग के सेक्रेटरी को सदस्य जबकि जेडीए कमिश्नर को मेम्बर सेक्रेटरी बनाया गया है। खुद की बिल्डिंग बनने तक यह इंस्टीट्यूट सेंट्रल पार्क के कनक भवन में चलाया जाएगा। इस इंस्टीट्यूट का एडमिनिस्ट्रेटिव डिपार्टमेंट उच्च शिक्षा विभाग होगा।
