जयपुर : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जयपुर में चल रही साधना बुधवार को पूरी हो गई। 10 दिनों की साधना करने के बाद आज दिल्ली के लिए सीएम केजरीवाल रवाना हो गए। केजरीवाल विपश्यना केंद्र से जयपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए। उन्हें विदा करने के लिए केंद्र के कई साधक बाहर तक आए। इस दौरान उन्होंने केंद्र में की कई साधना की रसीद भी कटाई।
बता दे कि, पिछले 10 दिनों से केजरीवाल जयपुर शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर आगरा रोड घने जंगलों के बीच विपश्यना ध्यान केंद्र (धम्म थली) में साधना में लीन थे। यहां आम लोगों का प्रवेश नहीं है। सिर्फ साधक और साधना केंद्र से जुड़े सेवक ही विपश्यना केंद्र में जाने की इजाजत है। वे यहां मोबाइल, टीवी, अखबार, लैपटॉप जैसी सुविधाओं से दूर रहे। केंद्र से बाहर आने के बाद लोगों ने उनके साथ फोटो भी खिंचवाई। हालांकि, केजरीवाल ने किसी से बात नहीं की। वे केंद्र से सीधे एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए। यहां से फ्लाइट के जरिए दिल्ली पहुंचेंगे।
केजरीवाल ने 10 दिन क्या किया?
साधक ने बताया कि 10 से 11 दिन की साधना के दौरान मौन व्रत का पालन करना होता है। एक कमरे में एक व्यक्ति को रहना होता है, यानी अकेला जीवन, खुद के लिए जीवन जीना होता है। एक समय का ही भोजन करना होता है। परंपरागत जीवन से खुद को अलग करने के प्रयास में लीन होना होता है। केजरीवाल भी इसी तरह की तपस्या से गुजरे। विपश्यना के नियमों के अनुकूल उन्हें तड़के 4 बजे से सुबह 6 बजे तक साधना कक्ष में जाना होता था। वहां साधना के बाद एक से डेढ़ घंटे के दौरान अल्प आहार, स्नान आदि कार्य किए। फिर साधना कक्ष में नियमित ध्यान पर खुद को केंद्रित किया।
