Headlines

तीसरी लहर को देखते हुए धार्मिक आयोजनों पर सख्ती की नई गाइडलाइन

वीकेंड कर्फ्यू

जयपुर। कोरोना की तीसरी लहर के आने की सूचना से राज्य सरकार भी सर्तक हो गई हैँ और इसके मद्देनजर कोरोना से बचाव के लिए नई गाइडलाइन जारी करते हुए धार्मिक आयोजनों पर सख्ती कर दी है। सभी तरह के सावर्जनिक, धार्मिक आयोजनों की अनुमति नही दी है। इसके तहत सावन में कावड़ यात्रा, ईद पर सार्वजनिक रूप से नमाज भी नही हो सकेगी। जैन धर्म के चातुर्मास में भी नही हो सकेंगे। भीड़भाड़ वाले आयोजनों पर पूरी तरह से रोक होगी। ये आदेश कल प्रात: 5 बजे से प्रभावी हो जाएंगे।

जन-अनुशासन गाइड लाइन 5.0

गृह विभाग की ओर से जारी गाइड लाइन में कहा गया है कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने समस्त राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों को भीड़-भाड़ वाले स्थानों को विनियमित करने और कोविड-19 के प्रबंधन के लिए आवश्यक उपाय करने के लिए सख्त निर्देश जारी करने एवं इस संबंध में जारी किये गये आदेशों को उनके उचित कार्यान्वयन के लिए व्यापक रूप से प्रसारित करने हेतु निर्देश प्रदान किये हैं। उसे देखते हुए ही नई गाइड लाइन जारी की गई हैं। गाइड लाइन में कहा गया है कि इस माह कई धार्मिक त्यौहार एवं यात्राऐं आयोजित होने की संभावना है। जिसके कारण सार्वजनिक स्थानों पर भीड़-भाड़ हो सकती है उसे रोकने तथा तीसरी लहर को रोकने के लिए ये निर्देश जारी किए जा रहे हैं।

गाइड लाइन
  1. श्रावण मास में राज्य में तथा राज्य के बाहर से श्रृृद्धालुओं द्वारा कावड़ यात्राऐं आयोजित की जाती है। जिन राज्यों से यह यात्राऐं शुरू होती है जैसे उत्तराखण्ड आदि में इस पर रोक लगाई जा चुकी है। कावड़ यात्राओं में भीड़-भाड़ की संभावना को देखते हुए इस प्रकार की समस्त धार्मिक यात्राओं एवं जुलूस इत्यादि की राज्य में अनुमति नहीं होगी।
  2. 21 जुलाई को ईद-उल-जुहा का त्यौहार मनाया जायेगा। वर्तमान में कोरोना की परिस्थितियों के मद्देनजर अत्यधिक भीड़-भाड़ की संभावना को देखते हुए किसी भी सार्वजनिक एवं धार्मिक स्थान पर एकत्रित होकर इबादत करने की अनुमति नहीं होगी।
  3. जनपद मथुरा के गोवर्धन क्षेत्र में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले राजकीय मुडिय़ा पूनों मेला जो आषाढ़ माह की एकादशी से पूर्णिमा तक तहसील गोवर्धन में आयोजित किया जाता है। इस मेले में देश-विदेश के विभिन्न भागों से लाखों श्रृृद्धालु प्रतिवर्ष पूजा/परिक्रमा करने आते हैं। राजस्थान राज्य से भी कई श्रृद्धालु इस आयोजन में सम्मिलित होने जाते हैं। गोवर्धन क्षेत्र के परम्परागत राजकीय मुडिय़ा पूनों मेला के आयोजन को लोग स्वास्थ्य व जनहित के दृष्टिगत बाहर से आने वाली भीड़ को प्रतिबन्धित करते हुए मेले के आयोजन को निरस्त किया गया है। प्रशासन से कहा गया है कि वे लोगों को बताएं ताकि इस इस मेलें में शामिल होने वाले श्रृद्धालुओं को सूचना प्राप्त हो सके।
  4. जैन धर्म व अन्य कई धर्मावलम्बियों द्वारा राज्य के अनेक स्थानों पर चतुर्मांस पर्व का आयोजन किया जायेगा। यह आयोजन चार महीने तक चलता है। इस आयोजन में सम्मिलित होने के लिए विश्वभर से श्रृृद्धालु आते हैं। वर्तमान में कोरोना की परिस्थितियों के मद्देनजर अत्यधिक भीड़-भाड़ की संभावना को देखते हुए किसी भी सार्वजनिक एवं धार्मिक स्थान पर भीड़-भाड़ एवं आयोजन करने की अनुमति नहीं होगी।
  5. अन्य सभी धर्मांवलम्बियों के भी समस्त धार्मिक आयोजन पर प्रतिबंध रहेगा।
अन्य दिशा-निर्देश
  1. स्विमिंग पूल्स को खोलने की अनुमति नहीं होगी।
  2. सार्वजनिक उद्यान प्रात: 5:00 बजे से सायं 04:00 बजे तक अनुमत होगा परन्तु जिन व्यक्तियों द्वारा वैक्सीन की कम-से-कम एक खुराक ली जा चुकी है, उन्हें सायं 04:00 बजे से सायं 08:00 बजे तक की भी अनुमति होगी।
प्रशासनिक निर्देश
  1. समस्त जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस आयुक्तों से गाइड लाइन की सख्ती से पालना करवाने को कहा हैं।
  2. जिला प्रशासन द्वारा इंसीडेन्ट कमाण्डर्स/संयुक्त प्रवर्तन दल/वार्ड कमेटी/ग्राम पंचायत स्तरीय कोर ग्रुप द्वारा समस्त शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में क्वारंटीन नियमों के उल्लंघन एवं कोविड उपयुक्त व्यवहार की निगरानी सुनिश्चित करवाई जायेगी।
  3. वार्ड/गांव/शहर में त्रिस्तरीय जन अनुशासन मॉडिफाइड लॉकडाउन के दौरान संभावित भीड़-भाड़ के क्षेत्रों में एन.सी.सी/एन.एस.एस आदि का सहयोग लिया जाकर प्रशासन, पुलिस एवं स्थानीय निकाय द्वारा माइक आदि के माध्यम से मास्क पहनने एवं अन्य कोविड उपयुक्त व्यवहार की पालना हेतु जन जागरूकता किया जायेगा। समस्त धार्मिक, सामाजिक, गैर सरकारी संस्थाओं और संगठनों से अपने स्तर पर निरन्तर अपील करने हेतु सहयोग लिया जायेगा।
  4. दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने पर आईपीसी की धारा 188 के कानूनी प्रावधानों के अन्तर्गत व अन्य कानूनी प्रावधान जो लागू हों के अलावा आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 एवं राजस्थान महामारी अधिनियम, 2020 के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *