गारमेंट्स कारोबारी को नकाबपोश जयपुर से उठा ले गए, 1 लाख दिए तब टोंक जिले में छोड़ भागे

Garments businessman was taken away from Jaipur masked, gave 1 lakh, then ran away in Tonk district |

जयपुर: बोलेरो में सवार छह-सात नकाबपोश बदमाश ने 1 अक्टूबर की रात को 11 बजे गारमेंट्स कारोबारी का अपहरण कर लिया। वारदात के बाद किडनैपर्स ने युवक को छोड़ने की एवज में उसके पिता को फोन कर 3 लाख रुपए की फिरौती मांगी है। मामला सांगानेर थाने तक पहुंचा। इस बीच युवक के पिता ने बदमाशों की धमकियों से परेशान होकर उनके खाते में एक लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।

इसके बाद बदमाशों ने 3 अक्टूबर को देर रात 12 बजे अपहृत कारोबारी को टोंक जिले में देवली के पास सूनसान जगह छोड़ दिया। युवक की तलाश में जुटी पुलिस और परिजनों ने अपहृत युवक को सकुशल बरामद कर लिया। उसे जयपुर लाया गया। यहां आज पीड़ित के बयान दर्ज कर उसका मेडिकल मुआयना करवाया जाएगा। इस संबंध में टोंक जिले में उनियारा तहसील के उदयपुरिया गांव में रहने वाले दिलशुख मीणा ने 2 अक्टूबर को सांगानेर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है।

टोंक से गारमेंट्स व्यापार के सिलसिले में जयपुर आया था कारोबारी
पुलिस के मुताबिक अपहृत घमंडीलाल (18) उनियारा में गारमेंट्स की दुकान करता है। वह 1 अक्टूबर को व्यापार के सिलसिले में अपने दोस्त दिलखुश मीणा (20) के साथ रोडवेज बस में बैठकर जयपुर के लिए रवाना हुआ था। वे दोनों रात करीब 11 बजे टोंक रोड पर कुंभा मार्ग के सामने बस से उतरे। रात ज्यादा होने से घमंडी व दिलखुश ने नजदीक ही एक होटल शिवम में ठहरने का फैसला लिया। वे दोनों पैदल पैदल होटल की तरफ रवाना हो गए।

तभी होटल के सामने एक बोलेरो आकर रुकी। जिसमें मौजूद बदमाशों ने चेहरे पर कपड़ा बांध रखा था। उन्होंने दिलखुश और घमंडी को पकड़ने का प्रयास किया। लेकिन दिलखुश भाग निकला। जबकि उसके दोस्त घमंडी को बदमाशों ने पकड़ लिया। वे उसे जबरन उसे बोलेरो में पटक कर भाग निकले। दिलखुश के मुताबिक घमंडी के पास एक बैग में 85 हजार रुपए और दूसरे में 50 हजार रुपए रखे थे। इन रुपयों को भी बदमाशों ने लूट लिया।

अपहरण के बाद घमंडी के पिता को फोन कर मांगे गए 3 लाख रुपए
घमंडी के अपहरण के बाद दिलखुश घबरा गया। उसने देर रात अपने भाई को फोन कर जानकारी दी। इसके बाद सुबह 4 बजे घमंडी के पापा को फोन कर अपहरण व लूटपाट की सूचना दी। तब वे अपने परिचितों के साथ होटल पहुंचे। तभी 2 अक्टूबर को सुबह 7 बजे घमंडी के पिता के पास बदमाशों ने एक फोन कर 3 लाख रुपए की फिरौती मांगी। तब वे सांगानेर थाने पहुंचे। वहां उन्होंने केस दर्ज करवाया।

दिलखुश के मुताबिक बोलेरो गाड़ी के अधूरे रजिस्ट्रेशन नंबर ही देख सका। जिस पर RJ 26 लिखा था। साथ ही, नंबर प्लेट पर जिला परिषद सदस्य भी लिखा हुआ था। केस की जांच सब इंस्पेक्टर हीरालाल को सौंपी गई। गाड़ी के नंबर प्लेट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने एक युवक को नामजद किया है।

 

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