जयपुर: जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रविंद्र सिंह भाटी के नेतृत्व में अपनी 10 सूत्री मांगो को लेकर प्रदेशभर के छात्रों की विरोध रैली शहीद स्मारक से लेकर विधानसभा तक पहुंचेगी। रवींद्र सिंह भाटी ने बताया कि पिछले 2 साल से राजस्थान में स्कूल-कॉलेज नहीं खुले हैं। बावजूद इसके सरकार छात्रों से फीस वसूल रही है। जबकि कोरोना के कारण परीक्षाएं नहीं हुई। लेकिन परीक्षा फीस वसूली जा रही है। ऐसे में पिछले वक्त वसूली हुई फीस वापस लौटाई जाए,या फिर आगे के शिक्षण सत्र में उसे समायोजित किया जाए।
बेरोजगारों को मिले भत्ता
रवींद्र सिंह भाटी ने कहा कि राजस्थान में 15 लाख से ज्यादा बेरोजगार पंजीकृत है। जिसमें 12 लाख 24 हजार पोस्ट ग्रेजुएट है। लेकिन इनमें से सिर्फ 1 लाख 60 हजार बेरोजगारों को ही बेरोजगारी भत्ता मिल रहा है। रवींद्र ने कहा कि राजस्थान सरकार ने बेरोजगारों को भत्ता देने में भी कई राइडर्स लगा रखे हैं। जिन्हें जल्द ही समाप्त किया जाना चाहिए। ताकि प्रदेश भर के बेरोजगारों को राहत मिल सके।
हरियाणा की तर्ज पर राजस्थान के छात्रों को मिले आरक्षण
रवींद्र ने कहा कि राजस्थान में भी हरियाणा की तर्ज पर नौकरियों में राजस्थान के युवाओं को 75 % आरक्षण दिया जाना चाहिए। ताकि राजस्थान के युवाओं को समय रहते रोजगार मिल सके। सरकार को राजस्थान के युवाओं के लिए नौकरियों में आरक्षण कानून लागू करना चाहिए। इसके साथ ही सरकारी नौकरियों में जनरल कास्ट के 50% कोटे में भी अब बाहरी राज्यों के युवा भर्ती हो रहे हैं। जिस पर रोक लगनी चाहिए। ताकि राजस्थान के हर वर्ग को नौकरी मिल सके। इसके साथ ही राजस्थान में लंबित भर्ती प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी होनी चाहिए।
