जयपुर। निलंबित महापौर सौम्या गुर्जर के पति राजाराम की अर्जी पर गुरुवार को एसीबी कोर्ट में सुनवाई हुई। एसीबी ने जवाब में कहा कि बहस प्रसंज्ञान से बचने के लिए प्रार्थना पत्र पेश किया है। जबकि एसीबी ने कानून के मुताबिक पूरा चालान पेश किया है। मामले पर एसीबी कोर्ट अब 9 सितंबर को सुनवाई करेगी। एसीबी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के संबंध में दायर प्रार्थना पत्र पर 10 सितंबर को सुनवाई होगी।
एसीबी ने बीवीजी कंपनी के नगर निगम पर 276 करोड़ रुपए बकाया भुगतान के बदले 20 करोड़ रुपए रिश्वत मांगने के मामले में 27 अगस्त को चालान पेश किया था। जिसके खिलाफ राजाराम ने प्रार्थना पत्र में कोर्ट से आग्रह किया है कि वह चालान को वापस लौटा दे। अधूरे चालान पर कोर्ट प्रसंज्ञान नहीं ले सकती। एसीबी ने उनको 29 जून को गिरफ्तार किया था और उसके मकान की 12 घंटों तक तलाशी ली थी और बड़ी संख्या में दस्तावेज व डायरियों को दो स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में जब्त किया लेकिन एसीबी ने चालान के साथ जब्ती को पेश नहीं किया।
जिसके जवाब में एसीबी ने कहा कि राजाराम नगर परिषद करौली में चैयरमेन रहे हैं ऐसे में प्राप्त दस्तावेजों की अलग से जांच की जा रही है। इसके अलावा सभी दस्तावेज चार्जशीट के दायर फाइल किए गए हैं। केवल बहस प्रसंज्ञान से बचने के लिए इस तरह के प्रार्थना पत्र पेश किए गए हैं। जिसके बाद कोर्ट ने सुनवाई स्थागित कर दी।
