एक सप्ताह में 12 शहरों और 1874 नई गाँव-ढ़ाणियों में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 411 टैंकर और 2304 फेरे बढ़ाएं – एसीएस डॉ. अग्रवाल

- 29 अप्रेल को 43 शहरों और 4142 गॉव ढ़ाणियों में 1400 से अधिक टैंकरों से पेयजल वितरण

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पेयजल

जयपुर। राज्य में पिछले एक सप्ताह में टैंकरों से पेयजल उपलब्ध कराने में 12 नए शहरों को जोड़ते हुए 115 टैंकर बढ़ाए गए हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में एक सप्ताह में ही 6 नए जिलों के 1874 नई गांव ढ़ाणियों को टैंकरों से पेयजल सुविधा से जोड़ते हुए 969 टैंकर और जोड़े गए है। अतिरिक्त मुख्य सचिव पीएचईडी, माइंस एवं पेट्रोलियम डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि प्रदेशवासियों तक पेयजल उपलब्ध कराना प्राथमिकता रही है और इसी का परिणाम है कि 29 अप्रेल को प्रदेश में 43 शहरों के जरुरत मंद इलाकों में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 429 टैंकर लगाए जा चुके हैं और इनके द्वारा 3033 फेरे प्रतिदिन लगाकर पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। जबकि इससे एक सप्ताह पहले 22 अप्रेल को 31 शहरोें में 314 टैंकरों द्वारा 2064 फेरे प्रतिदिन लगाकर पेयजल की आपूर्ति की जा रही थी। इसी तरह से अब 4142 गॉव-ढ़ाणियों में 975 टैंकरों द्वारा 3621 फेरे प्रतिदिन लगाकर पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।

इस तरह प्रदेश में प्रतिदिन 6 हजार से अधिक फेरे लगाकर टैंकरों द्वारा पेयजल उपलब्ध कराया जाने लगा है। उन्होंने बताया कि इससे ठीक एक साल पहले 29 अप्रेल 2021 को राज्य के 21 शहरों में 336 टैंकरों के माध्यम से 2252 फेरे प्रतिदिन लगाकर पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा था। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि फील्ड अधिकारियों को पेयजल आपूर्ति के लिए आवश्यकतानुसार शहरों और गॉव-ढ़ाणियों को जोडते हुए टैंकरों से पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेष में 4 लाख से अधिक हैंडपंप कार्य कर रहे हैं। वहीं एक सप्ताह में 6 हजार से अधिक हैंडपंपों को ठीक कराकर चालू किया गया है। प्राप्त सूचनाओं के अनुसार अब प्रदेश में 888 हैंडपंप खराब हैं जिनको जल्दी से जल्दी रिपेयर करने के निर्देश दिए गए हैं।

एसीएस डॉ. अग्रवाल ने बताया कि फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पेयजल की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की मोनेटरिंग के लिए अपने क्षेत्र में नियमित विजिट और पानी की लीकेज या अन्य तरह की शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल कार्यवाही करें। उन्होंने बताया कि राज्य स्तर पर स्थापित नियंत्रण कक्ष 24 घंटें कार्य कर रहा है और नियंत्रण कक्ष पर प्राप्त अभिवेदनाओं की उच्च स्तर पर मोनेटरिंग के साथ ही समाधान के निर्देश दिए गए हैं।

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