भीलवाड़ा। हिंदुस्तान जिंक पर पर्यावरण प्रदूषण फैलाने के मामले पर कड़ी कार्रवाई हुई हैं । नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने पर हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड पर 25 करोड़ रुपए की क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए है।
भीलवाड़ा के आगूचा रामपुरा एचडी हिंदुस्तान जिंक की खदानों में जमीन के अंदर की जाने वाली ब्लास्टिंग से स्थानीय लोगों के खेतों को काफी नुकसान पहुंचा है तो वही पर्यावरण को भी काफी क्षति हुई है।
एनजीटी के जस्टिस आदर्श गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने हिंदुस्तान जिंक को 3 महीने के अंदर क्षतिपूर्ति राशि भीलवाड़ा जिला मजिस्ट्रेट के यहां जमा कराने का निर्देश दिया। साथ ही 3 सदस्य कमेटी का गठन भी किया है। अब यह कमेटी इलाके के भूमि और पानी के नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट सौंपेगी। कमेटी में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और भीलवाड़ा के जिला मजिस्ट्रेट शामिल हैं।
कमेटी नुकसान का आकलन कर अपनी रिपोर्ट 30 अप्रैल 2023 तक दाखिल करेगी। इस बीच एनजीटी के आदेश पर एनजीटी के आदेश पर भीलवाड़ा जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने कहा कि एनजीटी कोर्ट के आदेश पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आपको बता दें भीलवाड़ा जिले के हुरडा तहसील के आगूचा रामपुरा गांव में हिंदुस्तान जिंक की माइंस है। यहां खदान से निकले जहरीले पानी और भूमिगत ब्लास्टिंग से ग्रामीणों की फसलों व मकानों को काफी नुकसान पहुंचा है । इसके बाद याचिका पर एनजीटी की ओर से हिंदुस्तान जिंक पर 25 करोड़ की क्षतिपूर्ति देने की आदेश दिए गए है।
