जयपुर: राजस्थान में मंत्रिमंडल में बदलाव के साथ ही अब उन लोगों की धीरे-धीरे छुट्टी हो रही है जो कभी चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा के खास हुआ करते थे। स्वास्थ्य विभाग में भी ऐसा ही देखने को मिला है। नए हेल्थ मिनीस्टर परसादी लाल मीणा ने नवंबर में डॉक्टर्स के तबादलाें को निरस्त करने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग के निदेशक पद और औषधि नियंत्रक (ड्रग कंट्रोलर) के पद पर बदलाव किया है। इन दोनों पर तैनात अधिकारी पूर्व मंत्री रघु शर्मा के करीबी माने जाते थे।
स्वास्थ्य भवन में सबसे प्रमुख पद निदेशक (जन स्वास्थ्य) से कृष्ण कुमार शर्मा की छुट्टी कर दी। शर्मा को हटाकर उनकी जगह वी.के. माथुर को निदेशक लगाया गया है। अब केके शर्मा को इस पद से हटाकर निदेशक ईएसआईसी लगा दिया है। वहीं केके शर्मा से पद में सीनियर वी.के. माथुर जो निदेशक ईएसआईसी के पद पर थे, उन्हे निदेशक (जन स्वास्थ्य) पर लगाया गया है।
ड्रग कंट्रोलर को किया एपीओ
इधर मंत्री के निर्देश पर ड्रग कंट्रोलर राजस्थान फर्स्ट के पद पर तैनात राजाराम शर्मा को सरकार ने एपीओ कर दिया। नवंबर तक राजाराम शर्मा अकेले राजस्थान के चीफ ड्रग कंट्रोलर थे। ड्रग कंट्रोलिंग शाखा में डीपीसी लम्बे समय से अटकी थी, जो नवंबर के आखिरी दिनों में हुई, जिसके बाद अजय फाटक भी असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर से ड्रग कंट्रोलर के पद पर पदोन्नति दी गई। इसके बाद राजस्थान को ड्रग कंट्रोलर के दो पद हो गए फर्स्ट और सैकण्ड। फर्स्ट पर राजाराम को लगाया, जबकि सैकण्ड पर फाटक को। लेकिन काम की पेंडेंसी की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद आज राजाराम को एपीओ अजय फाटक को मुख्य ड्रग कन्ट्रोलर का चार्ज दिया गया है।

