भीलवाड़ा: विश्व हिंदू परिषद दुर्गा वाहिनी बहनों द्वारा गीता जयंती व शौर्य दिवस रमा विहार भीलवाड़ा में मनाया गया। कार्यक्रम में दुर्गा वाहिनी विभाग संयोजिका सीमा पारीक व भीलवाड़ा नगर संयोजिका प्रीति वाला जोशी उपस्थित रहे। सीमा पारीक ने बहनों को गीता जयंती का महत्व बताया। गीता में जीवन का सार है जिसे पढ़कर कलयुग में मनुष्य जाति को सही राह मिलती है। इसके महत्व को बनाए रखने के लिए ही हिंदू धर्म में गीता जयंती मनाई जाती है। भगवत गीता को हिंदू समाज में सबसे ऊंचा ग्रंथ माना जाता है।
जिसमें भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को मनुष्य धर्म एवं कर्म का उपदेश दिया है। अयोध्या बाबरी विध्वंस को याद करते हुए हर साल 6 दिसंबर को विश्व हिन्दू परिषद द्वारा शौर्य दिवस मनाया जाता है जिससे अब गीता जयंती के साथ मनाया जाता है। कार्यक्रम में प्रियांशी जोशी ,मिताली खेमका रमा विहार दुर्गा वाहिनी प्रखंड सह संयोजिका, पुष्पा नायक, पूजा नायक ,साक्षी शर्मा ,खुशी वैष्णव, चंदा शर्मा ,सुमित्रा शर्मा, प्रवित शर्मा ,कार्तिक शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में हनुमान चालीसा का पाठ व जयघोष के साथ समापन किया गया।
