जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के OSD लोकेश शर्मा फोन टेपिंग मामले में शनिवार को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के सामने पेश नहीं होंगे। दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 4 दिन पहले ही लोकेश शर्मा को नोटिस भेजकर 24 जुलाई को 11 बजे पूछताछ के लिए पेश होने को कहा था। शर्मा ने ई मेल के जरिए नोटिस का जवाब देते हुए 2 सप्ताह तक व्यक्तिगत कारणों से जयपुर से बाहर यात्रा करने में असमर्थतता जताई है। दो-तीन सप्ताह का समय देने की मांग की है। ज्यादा जरूरी होने पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पूछताछ के लिए उपलब्ध होने की बात कही है। लोकेश शर्मा ने दिल्ली पुलिस को भेजे जवाब में कहा है कि दो-तीन सप्ताह के बाद जब भी दिल्ली क्राइम ब्रांच नई तारीख देगी, तब पेश हो जाऊंगा।
अगली सुनवाई से पहले नहीं हो सकती गिरफ्तारी
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के परिवाद पर दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 25 मार्च को मुख्यमंत्री के OSD लोकेश शर्मा और पुलिस अफसरों के खिलाफ फोन टैपिंग और ऑडियो वायरल करके छवि खराब करने के मामले में केस दर्ज किया था। लोकेश शर्मा ने इस एफआईआर(FIR) को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसके बाद उन्हें 6 अगस्त तक किसी भी तरह की गिरफ्तारी या कार्रवाई से छूट मिली हुई है। दिल्ली हाईकोर्ट में अब मामले की अगली सुनवाई 6 अगस्त को होनी है।
6 अगस्त की सुनवाई का इंतजार
लोकेश शर्मा ने दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच का नोटिस मिलने के बाद कानूनी जानकारों की राय ली। कानूनी राय के बाद रणनीति के तहत 6 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई होने तक पूछताछ के लिए पेश नहीं होने का फैसला किया है। इसीलिए क्राइम ब्रांच से दो तीन सप्ताह का समय मांगा गया है। इससे पहले सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन उन्होंने उम्र का हवाला देते हुए पूछताछ के लिए जाने से इनकार कर दिया था। महेश जोशी का एफआईआर में नाम नहीं था, लेकिन लोकेश शर्मा के खिलाफ नामजद एफआईआर है।
