जयपुर : हाईकोर्ट ने रिश्वत में अस्मत मांगने के आरोपी पूर्व डीएसपी कैलाश बोहरा की जमानत अर्जी सोमवार को खारिज कर दी। जस्टिस पंकज भंडारी ने यह आदेश दिया। आरोपी बोहरा ने जमानत अर्जी में कहा था कि उसे मामले में झूठा फंसाया है और परिवादिया का कोई भी काम उसके पास लंबित नहीं था।
मामले में चालान पेश हो गया है, इसलिए उसे जमानत दी जाए। इसके विरोध में राज्य के एएजी डॉ. विभूतिभूषण शर्मा ने कहा कि आरोपी आरपीएस के पद पर था और परिवादिया उससे न्याय मांगने आई थी। लेकिन आरोपी ने मदद की बजाय बदले में परिवादिया से अस्मत मांग ली।
यह जानकारी पत्रावली के ट्रांसक्रिप्शन रिकार्ड पर भी उपलब्ध है। इसलिए आरोपी को जमानत नहीं दी जाए। अदालत ने दाेनों पक्षों बहस सुनकर आरोपी बोहरा को जमानत का लाभ देने से इंकार करते हुए उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।
