जयपुर। जयपुर ग्रेटर नगर निगम की कार्यवाहक महापौर शील धाबाई होंगी। राज्य सरकार के स्वायत्त शासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। जयपुर नगर निगम में कथित हाथापाई के मामले में देर रात जयपुर ग्रेटर मेयर सौम्या गुर्जर और तीन पार्षदों को तत्काल निलंबित करने के बाद सरकार की ओर से ये कदम उठाया गया हैं। धाबाई हालांकि भाजपा की है और पहले भी निगम महापौर रह चुकी हैं। सरकारी आदेश में कहा गया है कि उप महापौर चूंकि अन्य पिछड़ा वर्ग से नहीं है। चूंकि निगम में भाजपा का बहुमत है अत: वरिष्ठता व अनुभव के आधार पर उनको कार्यवाहक महापौर बनाया जाता हैं।
राजस्थान में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी मेयर को सस्पेंड किया गया है। कचरा उठाने वाली कंपनी को लेकर मेयर और कमिश्नर के बीच विवाद हुआ था। उसके बाद देर रात सरकार ने ग्रेटर महापौर सौम्या समेत 3 पार्षदों को सस्पेंड कर दिया। सभी पर कमिश्नर यज्ञमित्र सिंह देव को अपशब्द कहने और धक्कामुक्की के आरोप थे। वहीं इस पूरे मामले पर मेयर सौम्या ने कहा कि सरकार अपनी हठधर्मिता के चलते जबरन दोष मढ़ रही है। बिना किसी सबूत और बिना की किसी सुनवाई के निलंबित किया गया है। ऐसे में जरूरत पड़ी तो हम कोर्ट का रास्ता अपनाएंगे।

