जयपुर। पेगासस जासूसी मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी के सिविल लाइन्स पर धरने- प्रदर्शन स्थल पर फिर निम्बाराम का नाम गूंजा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने धरने में शामिल कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए ये चुनोती भी दी कि उनके खिलाफ किसी भी मामले की जांच करा लें, लेकिन निम्बाराम को तो सामने लाएं।
पीसीसी अध्यक्ष डोटासरा ने कहा कि अब तो ये साबित हो गया है कि प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने मंत्रिमंडल से हटाए गए अपने ही मंत्रियों की भी जासूसी कराई थी, क्यों कि कई मंत्री सरकार की कार्य प्रणाली से खुश नहीं थे। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए कि आखिर मंत्रियों को हटाने का आधार क्या था। यूथ कांग्रेस अध्यक्ष गणेश घोघरा व खाजूवाला विधायक गोविंद मेघवाल ने राज्यपाल को ही मोदी सरकार का एजेंट बताते हुए उनके ईशारों पर काम करने के आरोप लगा दिए।
धरने में मौजूद परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि आरएसएस के लोग, बीजेपी के लोग कुछ नहीं बोलते हैं। कहां है आरएसएस। कोरोना में लोग जब मर रहे थे। डरकर घरों में बैठे हुए थे। खाचरियावास ने कहा कि मैं आरएसएस से लड़ना नहीं चाहता हूं, लेकिन वो भी सुन लें, मैं उनसे डरता नहीं हूं। इस बीच पार्टी के अन्य नेताओं ने संबोधित किया और मांग की गई कि पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज से कराई जाए।
इस दौरान कार्यकर्ताओ की फाटक के पास पुलिस से धक्कामुक्की भी हुई। कई कार्यकर्ता बेरीकेडिंग को पार कर गए। पुलिस से बाद में इन्हें खदेड़ दिया। इससे पहले कांग्रेस नेताओं ने इस मौके पर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा और कहा की भाजपा अब भारतीय जासूसी पार्टी बन गई है और वे देश की सुरक्षा के साथ लोगों की निजता को भी भंग कर रही है। इसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा।
धरने में मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, बीडी कल्ला, मुख्य सचेतक महेश जोशी, डॉ. रघु शर्मा, सुभाष गर्ग, सुखराम विश्नोई,मंत्री ममता भूपेश, भंवर सिंह भाटी, संयम लोढ़ा, महादेव खण्डेला, गंगा देवी, अमर सिंह जाटव, अमीन कागजी, गोविंद मेघवाल, कृष्णा पूनियां,खिलाडीलाल बैरवा, गोपाल मीणा, प्रदेश सचिव पुष्पेन्द्र भारदाज, मुमताज मसीह,जसवंत गुर्जर, ललित तूनवाल, सुरेश चौधरी, आर आर तिवाडी, मनोज दुग्गल सहित जयपुर के विधायक, पार्टी पदाधिकारी सहित अन्य नेता मौजूद थे।

