मन्दिर तोड़ने वाले एसडीएम व तहसीलदार को बर्खास्त करने की मांग, जनता सेना ने राज्यपाल के नाम उपखण्ड अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

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जनता सेना

भीण्डर : जनता सेना राजस्थान की ओर से मंदिर तोड़ने और संस्कृति से खिलवाड़ करने के विरोध में राज्यपाल के नाम ज्ञापन भीण्डर उपखण्ड अधिकारी रमेश सिरवी को सौंपा गया। जनता सेना संरक्षक व वल्लभनगर के पूर्व विधायक रणधीर सिंह भीण्डर के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि प्रदेश में जब से कांग्रेस की सरकार बनी हैं तब से ऐसे तंत्र सक्रिय हो गये हैं जो ना केवल धार्मिक उन्माद, जातीय हिंसा व हमारी संस्कृति पर हमले करने को उतारू है। इसके साथ सामाजिक समरसता को भी तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

जनता सेना

जनता सेना द्वारा दिये गये ज्ञापन में बताया कि दो दिन पूर्व ही समाचार पत्रों में पढ़ा था कि राजसमंद जिले में वीर राणा पूंजाजी की मूर्ति को तोड़ दी व महाराणा प्रताप की मूर्ति के स्वरूप को बिगाड़ने का प्रयास किया गया। इसके अगले दिन ही चित्तौड़ जिले के डूंगला के करसाना गांव में प्रशासन ने भगवान शिव व हनुमानजी के मन्दिर को जेसीबी से तोड़ दिया। लोकतंत्र में कहते हैं कि जनता के द्वारा बनाई गई जनता की सरकार जनता के लिए होती है। परन्तु इस सरकार ने नैतिकता के सारे नियम तोड़ते हुए खुद प्रशासनिक अधिकारियों को जनता को परेशान करने का जिम्मा दे दिया है। यहां खुद आगे चलकर तहसीलदार ने मन्दिर तोड़ने का आदेश निकाला और वर्षों पूराने मन्दिर को तहस-नहस कर दिया।

हमारी यहीं मांग हैं कि उस मन्दिर का पुननिर्माण किया जाएं व दोषी एसडीएम मोहरसिंह मीणा व तहसीलदार पन्नालाल रेगर को तुरन्त बर्खास्त किया जाएं। ज्ञापन देने के दौरान भीण्डर पंचायत समिति प्रधान हरिसिंह सोनिगरा, भीण्डर नगर पालिका अध्यक्ष निर्मला भोजावत, भीण्डर मण्डल अध्यक्ष नरेन्द्र वाणावत, प्रदेश महामंत्री पारस नागौरी सहित जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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