दौसा : जिले के सदर थाना क्षेत्र के बिरासना गांव का जवान हंसराज गुर्जर मणिपुर में शहीद हो गया। वह असम राइफल्स में तैनात था, जिसकी शहादत की सूचना देर रात परिजनों को मिली तो पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। वह लंबी बीमारी से ठीक होने के बाद 15 महीने पहले ही ड्यूटी पर गया था। ऐसे में अब उसके शहीद होने की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। परिवार का इकलौता बेटा हंसराज, साल 2008 में सेना में भर्ती हुआ था।
शहीद हंसराज के तीन बेटी व एक बेटा है। पत्नी संतरा देवी ने बताया कि बीमार होने के कारण उसका पति हंसराज पिछले 3 साल से ड्यूटी पर नहीं गए थे। पिछले दिनों ठीक होने पर वह 7 दिसंबर 2020 को ड्यूटी पर वापस लौटा था, इसके बाद घर भी नहीं आया था। वह बोली कि 4 मार्च को ही उसकी बात हुई थी तो कह रहे थे कि उसे अभी सैलरी नहीं मिली है, सैलरी मिलते ही होली पर घर आऊंगा।
आज शाम पहुंच सकती है पार्थिव देह
शहीद के चचेरे भाई उमराव गुर्जर ने बताया कि हंसराज घर का अकेला चिराग था, जिसके पिता की 19 साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। हंसराज ने दिसंबर 2008 में सेना की नौकरी ज्वाइन की थी, परिवार में एक छोटी बहन भी है। सेना की फॉर जैक राइफल में तैनात सुबेदार मनजीत सिंह का कहना है कि 7 मार्च को सुबह 11 बजे फ्लाइट से जवान की पार्थिव देह मणिपुर से जयपुर के लिए रवाना होगी, जो दोपहर बाद तक जयपुर पहुंचेगी। यदि पार्थिव देह पहुंचने में देरी हुई तो मंगलवार को राजकीय सम्मान से अंत्येष्टि कराई जाएगी। शहादत के कारणों का पता नहीं चला है।
