कांग्रेस का सियासी पारा उबाल पर, पायलट ने भी हेमाराम के इस्तीफे को चिंताजनक बताया

  • पूर्व उपमुख्यमंत्री के हेमाराम को लेकर दिए बयान से सियासी पारा और गर्माने की संभावना
  • पायलट ने कहा इस्तीफे की जानकारी अखबारों से मिली
  • हेमाराम को बताया सादगी; ईमानदारी और विनम्रता की प्रतिमूर्ति

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जयपुर। पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कांग्रेस के असंतुष्ट विधायक हेमाराम चौधरी के इस्तीफे को चिंताजनक बता राज्य की राजनीति का सियासी पारा और गर्मा दिया। पायलट ने तो यहां तक कह दिया कि उनकी सादगी, उनकी ईमानदारी ओर उनकी विनम्रता का कांग्रेस में शायद ही कोई दूसरा उदाहरण हो।

पायलट ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में राजीव गांधी के बलिदान दिवस पर पुष्पाजंलि कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में हेमाराम की तारीफ करते हुए कहा कि कांग्रेस और सदन के सबसे सीनियर मोस्ट विधायक है और राजस्थान व कांग्रेस की राजनीति में उनका बहुत बड़ा योगदान रहा है। वे नेता प्रतिपक्ष रहे। केबिनेट मंत्री रहे और छह बार विधायक रहे। उनका इस्तीफा देना बहुत बड़ा चिंता का विषय हैं।

अखबारों से ही इस्तीफे का पता चला-पायलट

उन्होंने यह संकेत भी अपनी बातचीत में दे दिया कि उन्हें इस्तीफे के बारे में हेमाराम ने पहले नहीं बताया। अखबारों में ही उनके इस्तीफे के बारे में पढ़ा हैं। कांग्रेस मुख्यालय पर आकर हेमाराम को लेकर पायलट के इस बयान से कांग्रेस के दूसरे खेमे के नेता सतब्ध है।

सियासी हलचल और तेज हुई

हेमाराम के इस्तीफे के तीन दिन बाद पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। सचिन पायलट के हेमाराम के समर्थन में खुलकर उतरने से आने वाले समय में कांग्रेस में असंतुष्ट गतिविधिया फिर से बढऩे की प्रबल संभावनाएं नजर आ रही है। हेमाराम के इस्तीफे के बाद पायलट समर्थित विधायक वेद प्रकाश सोलंकी के बयान ने असंतुष्ट गतिविधियों को कड़ी से कड़ी जोड़ दिया हैं। पायलट खेमा हेमाराम के इस्तीफे को सियासी तौर पर भुना जरूर रहा है। इसे गहलोत खेमे और सरकार पर दबाव बनाने की कवायद के तौर पर ही देखा जा रहा है।

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डोटासरा ने पायलट से की बात

इस दौरान सचिन पायलट और गोविंद सिंह डोटासरा के बीच हुई मंत्रणा चर्चा भी हुई। पीसीसी के बाहर दोनों नेताओं ने अकेले में गुफ्तगू की। पीसीसी चीफ के कक्ष में अन्य नेताओं की मौजूदगी के चलते शायद दोनों अंदर बात नहीं कर पाए थे। इसी के चलते उन्होंने बाहर आकर बात की। जानकारों की माने तो दोनों नेताओं के बीच हेमाराम चौधरी के इस्तीफे को लेकर ही गुफ्तगू हुई। पुष्पाजंलि कार्यक्रम में पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा के साथ रघु शर्मा, महेश जोशी और प्रताप सिंह खाचरियावास भी मौजूद थे।

कोरोना सहायतार्थ महाअभियान का आगाज

इससे पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कोरोना सहायतार्थ महाअभियान का आगाज किया। उन्होंने रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

डोटासरा बोले

डोटासरा ने इस दौरान हेमाराम चौधरी के इस्तीफे पर बोलते हुए कहा कि वो पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। मेरी उनसे दो बार बात हो चुकी है। कोई खामी रही तो उसे दूर करना हमारी ड्यूटी है। हम सम्मान के साथ उनका काम कराएंगे। मेरी बाड़मेर जिला कलेक्टर से भी बात हुई है उनकी हेमाराम चौधरी से भी बात हो गई। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी विधायकों की समस्या के प्रति गंभीर है। हेमाराम चौधरी ने कांग्रेस को सींचा और उनको भी पार्टी ने बहुत कुछ दिया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि एक भी कार्यकर्ता पार्टी से नाराज होता है तो वो चिंताजनक है।

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