जयपुर : कांग्रेस चिंतन शिविर के खुले सत्र के दौरान विधायकों ने कई मंत्रियों के कामकाज की शैली पर सवाल उठाए। इनमें किशनपोल विधायक अमीन कागजी ने अल्पसंख्यकों से जुड़े बोर्ड आयोगों में तीन साल में भी नियुक्तियों नहीं होने पर सवाल उठाए। अमीन कागजी ने कहा कि अल्पसंख्यक समाज से जुड़े बोर्ड, आयोगों में अब तक नियुक्तियां नहीं हुई हैं। जिन लोगों ने सरकार बनाई है, उनकी लोकल लेवल पर सुनवाई ही नहीं होगी तो पार्टी-सरकार का मैसेज कैसे जाएगा? इनमें जल्द नियुक्तियां होनी चाहिए।
वहीँ वाजिब अली ने मदरसा पैराटीचर्स, शिक्षाकर्मियों की समस्याओं का तीन साल में भी समाधाान नहीं होने पर सवाल उठाए। वाजिब अली ने कहा कि पैराटीचर्स, शिक्षाकर्मियों की समस्याओं के समाधान के लिए बनी कल्ला कमेटी ने तीन साल में कोई काम नहीं किया है। कमेटी ने इनसे संपर्क तक नहीं किया। शिक्षाकर्मी और पैराटीचर्स कांग्रेस के समय में ही लगे हैं। दो सरकारों में ये लॉलीपॉप झेल चुके हैं, इनकी सुनवाई होना जरूरी है।
जिला और ब्लॉक अध्यक्ष तक की नियुक्ति भी नहीं हुई
कई विधायकोंं ने कांग्रेस संगठन में जिला और ब्लॉक स्तर पर संगठन पदाधिकारी नहीं बनने पर सवाल उठाए। विधायकों ने कहा कि बीजेपी मंडल और बूथ स्तर तक जा रही है, हमारे यहां अभी जिलाध्यक्ष भी पूरे नहीं बने। बिना संगठन कैसे काम चलेगा। जल्द से जल्द जिला और ब्लॉक स्तर पर अध्यक्ष और पदाधिकारी नियुक्त करने चाहिए।
बिजली के बढ़े हुए बिलों से जनता परेशान
फतेहपुर से कांग्रेस विधायक हाकम अली ने बिजली की बढ़ी हुई दरें कम करने पर सुझाव दिया। हाकम अली ने कहा कि घरेलू बिजली के बिल बहुत बढ़कर आ रहे हैं, लोग परेशान हैं। कोरोना काल के बाद लोग ज्यादा परेशान हैं। बिजली की दरें कम करनी चाहिए। इससे जनता में सरकार का सही मैसेज जाएगा। इस दौरान सीकर विधायक राजेंद्र पारीक ने कम से कम पांच नए जिले बनाने का सुझाव दिया। पारीक के अलावा और भी कई विधायकों ने नए जिले बनााने की मांग उठाई।
घटिया सड़कें बनाकर उठा रहे पेमेंट
शिविर में विधायक जोगिन्दर सिंह अवाना ने कहा कि भरतपुर क्षेत्र में ठेकेदार घटिया सड़कें बनाकर पेमेंट उठा रहे हैं। पीडब्ल्यूडी मंत्री भजनलाल जाटव ऐसे अफसरों और ठेकेदारों का बचा रहे हैं। सड़कें बनते ही छह महीने में ही टूट रही हैं। एक ठेकेदार को मेरे मना करने के बावजूद पेमेंट करवा दिया। उसकी बनाई सड़क जांच में घटिया पाई गई फिर भी मंत्री ने उसे 9 करोड़ का पेमेंट करवा दिया। अवाना यहीं नहीं रुके उन्होंने जलजीवन मिशन के कामों में भी गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। कहा- जल जीवन मिशन में बहुत ही घटिया क्वालिटी के पाइप इस्तेमाल कर रहे हैं। पाइप डालने के लिए सड़कों को तोड़कर बिना रिपेयर किए ही छोड़ा जा रहा है। सड़को को लेकर ही विधायक वाजिब अली ने बैठक में कहा कि क्षेत्र की सड़कें बहुत खराब हैं। हम किस मुंह से क्षेत्र में जाएं, गांव वालों को क्या जवाब दें? हम गांवों में जा नहीं पा रहे हैं।
तिजारा विधायक संदीप यादव ने भी खराब सड़कों के मुद्दे पर घेरते हुए कहा कि हम बीजेपी राज के दौरान बने ग्रामीण गौरव पथ का तोड़ नहीं निकाल पाए। गौरव पथ के बाद गांवों में कोई बड़ा काम हम नहीं कर पाए जो याद रहे। गांवों में एक किलोमीटर सड़क नरेगा में मिल जाए तो अच्छा रहेगा ताकि गांवों में हमारा भी कोई काम दिखे। गौरव पथ की लोग आज भी तारीफ करते हैं।
