जयपुर। पेगासस जासूसी मामले में जहां देश भर में विपक्ष मोदी सरकार पर हमलावर है। वहां कई बड़े राजनेताओँ के मोबाइल हैंगिग और जासूसी की खबरें आ रही हैं तो वहीं इस मामले को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का भी बड़ा बयान सामने आया है। पेगासस जासूसी मामले पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री गहलोत ने सु्प्रीम कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेकर जांच के आदेश देने की मांग की है।
मुख्यमंत्री गहलोत ने ट्वीट करते हुए लिखा कि कोर्ट को अविलंब जांच के आदेश देने चाहिए क्योंकि यह सुप्रीम कोर्ट द्वारा न्यायिक जांच के लिए उपयुक्त केस है जिससे आरोप-प्रत्यारोप की जगह सच्चाई सामने आ जाएगी। सीएम ने लिखा कि जिस तरह से पेगासस सॉफ्टवेयर से मोबाइल हैकिंग और जासूसी की खबरें आ रही हैं वह बहुत चिंताजनक और शॉकिंग है।
जिन लोगों की जासूसी की गई है उस लिस्ट में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का भी नाम आ गया है, अभी पता नहीं यह लिस्ट कहां जाकर रुकेगी। सीएम ने ट्वीट करते हुए लिखा कि 2019 में कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने जब राज्यसभा में यह मुद्दा उठाया था तब सरकार में ईमानदारी होती तो इसे गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच करवाती।
पेगासस जासूसी मामले में माननीय उच्चतम न्यायालय को स्वत: संज्ञान लेकर अविलंब जांच के आदेश देने चाहिए क्योंकि यह सुप्रीम कोर्ट द्वारा न्यायिक जांच के लिए उपयुक्त केस है जिससे आरोप-प्रत्यारोप की जगह सच्चाई सामने आ जाएगी। pic.twitter.com/L7hSf2GRAM
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) July 19, 2021
देशभर में पिछले कुछ सालों से लगातार यह चर्चाओं में है कि लोगों को सर्विलांस पर रखकर उनके फोन टैप करवाकर जासूसी की जा रही है। जैसा बताया गया है कि पेगासस सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी के अनुसार यह सॉफ्टवेयर सिर्फ सरकारों को ही बेचा जाता है। यह एक अत्यंत गंभीर विषय है जिसकी सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए।
