जयपुर: राजधानी जयपुर के ब्रह्मपुरी इलाके में गुरुवार रात क्लोरीन गैस के रिसाव से दहशत मच गई। गैस का यह रिसाव नगर निगम द्वारा संचालित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में रात पौने तीन बजे हुआ। इससे घरों में सो रहे लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। अफरा-तफरी में लोग घर छोड़कर भाग निकले। वहीं, गैस रिसाव की वजह से प्लांट में मौजूद दो कर्मचारियों की हालत बिगड़ गई। उनको SMS अस्पताल पहुंचाया गया। जहां उनकी हालत स्थिर है।
स्थानीय लोगों की सूचना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और गैस के टैंकर को पानी में डालकर रिसाव कम किया। बताया जा रहा है कि टैंकर का वॉल खराब हो गया था। जिसके चलते क्लोरीन गैस का रिसाव शुरू हो गया था। रिसाव के समय टैंकर में करीब 600 किलो गैस थी।

रात 2:45 बजे शुरु हुआ सिलेंडर में लीकेज से गैस रिसाव
जानकारी के अनुसार ब्रह्मपुरी इलाके में आमेर रोड पर स्थित गोविंद नगर में नगर निगम का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट है। जहां करीब 900 लीटर क्लोरीन गैस से भरे दो बड़े सिलेंडर है, जो कि सीवरेज की सफाई में काम आते है। रात करीब 2.45 बजे एक सिलेंडर में लीकेज हो गया। इससे तेजी से गैस का रिसाव होना शुरू हो गया। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के विधि व मानवाधिकार विभाग सचिव शैलेश भार्गव ने बताया कि ट्रीटमेंट प्लांट में लिकेज की वजह से गुप्ता गार्डन, तिलक मार्ग, और मुख्य रूप से नगर निगम कॉलोनी, शंकर नगर और छिपीवाड़ा तक के लोगों में डर का माहौल हो गया था।

पुनरावृत्ति रोकने के लिए दिए निर्देश
ब्रह्मपुरी थाने के पीछे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से क्लोरीन गैस रिसाव का मामले में क्षेत्रीय विधायक और मुख्य सचेतक डॉ महेश जोशी मौके पर पहुँचे। उन्होंने पीड़ित क्षेत्रवासियों को हर हाल में जान माल की रक्षा करने का भरोसा दिलाया। डॉ. महेश जोशी ने अधिकारियों के साथ प्लांट में रिसाव स्थल का जायजा लिया। साथ ही प्लांट में रिसाव की घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अधिकारियों को निर्देश भी दिये। डॉ. जोशी के साथ उप महापौर असलम फ़ारुकी सहित अन्य कांग्रेसी पार्षद, कार्यकर्ता भी मौजूद थे।
सुबह 4:30 बजे इंजीनियर आए और सिलेंडर को पानी में डाला
रात करीब 4:30 बजे सीतापुरा से तकनीकी इंजीनियर्स को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बुलाया गया। दमकल की गाड़ियां मंगवाई गईं। तब इंजीनियरों ने जिस सिलेंडर में गैस रिसाव हो रहा था। उसे एक हौद में डाल दिया। इसके बाद दमकल से पानी डलवाकर उसे भर दिया। इससे गैस का रिसाव कम हो गया। पुलिस के मुताबिक हालत यह थी कि गैस रिसाव की वजह से प्लांट के पास जाना मुश्किल हो गया था। लेकिन, किसी तरह सिविल डिफेंस, दमकल और पुलिस की टीम नगर निगम के इंजीनियर्स के साथ अंदर पहुंची।
