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सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स सिंगोली ने की 3 करोड़ की ड्रग जब्त, मास्टरमाइंड गिरफ्तार

ड्रग

चित्तौड़गढ़ : सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (CBN) सिंगोली ने नीमच टीम के अधिकारियों के सहयोग से चित्तौड़ जिले के ओछ्ड़ी टोल नाके के पास एमडी पाउडर ले जाते हुए मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। आरोपी 13 किलो से भी ज्यादा एमडी पाउडर तस्करी के लिए लेकर जा रहा था। जिसकी कीमत लगभग 3 करोड़ से भी ज्यादा की बताई जा रही है। मध्यप्रदेश और राजस्थान में यह अब तक की सबसे बड़ी खेप पकड़ी गई है। यह भी बताया जा रहा है कि यह वही ड्रग्स है, जैसी NCB की रेड में आर्यन खान के पास मिली थी।

13 किलो 390 ग्राम एमडी पाउडर जब्त

उप नारकोटिक्स नीमच के युवा आयुक्त संजय कुमार तस्करी करने वाले मास्टरमाइंड के बारे में पता चला। 5 से 6 महीने की कड़ी निगरानी के बाद सूचना मिली कि एक कार में एमडी ड्रग को चित्तौड़गढ़ से होते हुए मंदसौर ले जाया जा रहा है। चित्तौड़गढ़ के ओछ्ड़ी टोल नाके के पास केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो सिंगोली टीम ने नीमच टीम के अधिकारियों के सहयोग से एक टीम गठित कर वहां कड़ी निगरानी रखी।

इस दौरान 7 नवंबर को गाड़ी का पीछा कर उसे ओछ्ड़ी टोल नाका के पास रोक दिया गया। जब तलाशी ली गई तो एक बैग में 13 पॉलिथीन रखे हुए थे। जिसमें भूरे और सफेद रंग के रवादार पाउडर थे। चेक किया तो वह एमडी पाउडर निकला। तौल करने पर 13 किलो 390 ग्राम यह नशीली दवा पाई गई।

13 किलो ड्रग पकड़ी

एमडी ड्रग्स हाई प्रोफाइल लोग ज्यादातर यूज करते हैं। पकड़े गए 13 किलो एमडी ड्रग्स की कीमत लगभग 3 करोड़ रुपए की बताई जा रही है, जबकि मेट्रो सिटी में यह दाम बढ़कर दोगुनी हो जाती है। नारकोटिक्स की टीम ने आरोपी मनासा, एमपी निवासी गुलाब सिंह पुत्र कुशाल सिंह चुंडावत उम्र 53 साल को गिरफ्तार कर लिया है। अधीक्षक निवारक मुरली कृष्णन के नेतृत्व में बीएल मीणा, एमके पीपल, प्रवीण सिंह, पुरुषोत्तम मीणा, संदीप फौजदार, राजू धाकड़, भारत सिंह, आदित्य राज, शशिकांत सिंह, अरुण मीणा की टीम ने यह कार्रवाई की।

आरोपी 10 साल की सजा काट चुका

गुलाब सिंह इन सभी कामों का मास्टरमाइंड था। 89-99 में उसने एमकॉम की पढ़ाई करने के बाद 90 के दशक में बैंक में नौकरी की। तभी से उसने अफीम और डोडा चूरा की तस्करी शुरू कर दी। इसके बाद उसने हेरोइन तस्करी का काम शुरू किया। इस दौरान जयपुर नारकोटिक्स ने गुलाब सिंह को पकड़ लिया। इसी मामले में वह जयपुर जेल में भी 10 साल की सजा काट चुका है। गुलाब सिंह इन दिनों में ड्रग्स को लेकर काफी एक्टिव था। छोटे-छोटे पैडलर से ऐप के जरिए बात किया करता था। इसीलिए सभी नारकोटिक्स अधिकारियों के पकड़ से काफी दूर था।

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