बीकानेर : अलवर के नाबालिग रेप कांड में भाजपा ने कांग्रेस सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि राज्य में हर रोज दुष्कर्म की पंद्रह घटनाएं हो रही है। इतना ही नहीं पिछले तीन साल में राज्य में तरह-तरह की गैंग बन गई है, जो राज्य की कानून व्यवस्था की पोल खोल रही है।
उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अलवर मूक बधिर दुष्कर्म मामले में प्रतिदिन मनगढ़ंत कहानियां गढ़ने के साथ ही साक्ष्यों को मिटाने का प्रयास हो रहा है। पुलिस प्रतिवेदन में 6337 बलात्कार की रिपोर्ट दर्ज हुई है और राज्य में अलग-अलग स्थानों पर अनेक प्रकार की गैंग बन गई है। जिनमें नोहर की गधा चोर, कुम्भलगढ़ की बकरा चोर, शिशु चोर, बलात्कार गैंग और माफिया गैंग प्रमुख है।
बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि राज्य में पिछले तीन वर्षों से पूर्णकालिक गृहमंत्री नहीं है और अभी हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा एक पंगु गृह राज्य मंत्री की नियुक्ति की गई है। राज्य में अपराध और अपराधी बेखौफ होकर घूम रहे हैं तथा पुलिस के सर्वाधिक पिटाई हो रही है। उन्होंने कहा कि रीट की भर्ती परीक्षा में हुई गड़बड़ी स्पष्ट होने के बाद भी सरकार इस परीक्षा को सही मान रही है। राठौड़ ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने ऋण माफी का झूठा वादा किया। मुख्यमंत्री और मंत्री किसान का हक देने से मुकर रहे हैं।
राजेंद्र राठौड़ ने आरोप लगाया कि इस बार का बजट पूरी तरह चुनावी होगा। बजट में की गयी विभिन्न घोषणाएं अभी तक भी मूर्त रूप नहीं ले सकी हैं। राज्य में पहली बार बिना कार्यालय आवंटन के मंत्री दर्जा प्राप्त मुख्यमंत्री के सलाहकार नियुक्त किए गए हैं और इस सरकार में युवाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष स्वयं ही थाने के सामने बैठ कर धरना दे रहे हैं। बीकानेर में दिन प्रतिदिन बढ़ रही आपराधिक घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि बीकानेर गैंगवार, गोलीबारी, अवैध हथियारों, मादक पदार्थों की तस्करी का बड़ा केंद्र बन गया है जबकि पुलिस उनके सूत्रों का पता नहीं लगा रही है
राठौड़ ने बीकानेर नगर निगम में गत इक्कीस माह में आठ कमिश्नर बदलकर भाजपा बोर्ड को काम नहीं करने देने का आरोप लगाते हुए कहा कि स्वायत शासन मंत्री शांति धारीवाल ने 69ए को जादुई धारा बताया था जबकि बीकानेर में राज्य में सबसे कम संख्या में पट्टे जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. बीडी कल्ला ने घोषणाओं के समय सदन में दोनों हाथों से मेज ठोककर तालियां बजाई थी और उनके क्रियान्वयन के समय मौन है।
