सरकार की मजदूर एवं कर्मचारी विरोधी नीतियों को लेकर भारतीय मजदूर संघ 6 मई को निकालेगा ‘‘मजदूर आक्रोश रैली’’

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मजदूर

जयपुर : भारतीय मजदूर संघ, राजस्थान प्रदेश की ओर से सरकार की मजदूर एवं कर्मचारी विरोधी नीतियों को लेकर 6 मई को शहीद स्मारक से सिविल लाइन फाटक तक ‘‘मजदूर आक्रोश रैली’’ निकालकर विरोध दर्ज कराया जाएगा। इस मजदूर रैली को लेकर भारतीय मज़दूर संघ के क्षेत्रीय संगठन मंत्री (उत्तर-पश्चिम क्षेत्र) राजबिहारी शर्मा एवं हरिमोहन शर्मा, प्रदेश महामंत्री ने बताया कि यह ‘‘मजदूर आक्रोश रैली’’ सायं 4ः00 बजे शहीद स्मारक से रवाना होकर गवर्नमेंट प्रेस, चौमू हाउस सर्किल, भाजपा कार्यालय होते हुए सिविल लाइन फाटक पर समाप्त होगी। सिविल लाइन फाटक पर ही यह रैली विशाल सभा का रूप ले लेगी। इस दौरान संगठन के अखिल भारतीय वित्त सचिव एस.के राठौड़, प्रदेशाध्यक्ष राजेन्द्र डाबी, रैली संयोजक दीनानाथ रूंथला, एवं मीडिया प्रभारी विकास तिवारी एवं यतीन्द्र कुमार भी मौजूद रहे।

राजबिहारी शर्मा ने बताया कि इस रैली में भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय महामंत्री विनय सिन्हा शामिल होंगे। वह रैली को शहीद स्मारक से हरी झण्डी दिखाकर रवाना करेंगे। साथ ही सिविल लाइन पर होने वाली विशाल सभा में कार्यकर्ताओं को संबोधित भी करेंगे।भारतीय मजदूर संघ की इस विशाल ‘‘मजदूर आक्रोश रैली’’ में प्रदेशभर के करीब 25000 से ज्यादा मजदूर शामिल होंगे। जिससे पूरा जयपुर सुबह से लेकर शाम तक भगवामय रहेगा। इस रैली में भारतीय मजदूर संघ के संगठित असंगठित क्षेत्र सहित थड़ी ठेला, ईंट-भट्टा के मजदरू, दिहाड़ी मजदूर, फल एवं सब्जी लगाने वाले मजदूर सहित आंगनवाड़ी एवं एनआरएचम सहित सभी स्कीम की बहनें भी शामिल होंगी। साथ ही 108 एवं 104 एंबुलेंस के कर्मचारी भी शामिल होंगे।

विभिन्न संगठन होंगे शामिल

भारतीय मजदूर संघ से संबंद्ध राजस्थान के सभी केंद्रीय एवं राज्य के महासंघ, जिला ईकाई, जिला ईकाईयों से संबंद्ध संगठन सहित करीब 285 यूनियनें इस रैली में शामिल होंगी। जिसमें प्रमुख रूप से राज. आंगनवाड़ी कर्मचारी महासंघ, राजस्थान विद्युत श्रमिक महासंघ, राजस्थान परिवहन निगम संयुक्त कर्मचारी फेडरेशन, भारतीय डाक कर्मचारी महासंघ, राज. राज्य कर्मचारी महासंघ, जलदाय कर्मचारी महासंघ, जनता जल कर्मचारी महासंघ, राजस्थान सीमेंट कर्मचारी महासंघ, राजस्थान भवन निर्माण श्रमिक महासंघ, राजस्थान पल्लेदार श्रमिक महासंघ, असंगठित क्षेत्र के थड़ी ठेला, ई-रिक्शा, प्राइवेट ट्रांसपोर्ट, 108 एवं 104 एंबुलेंस कर्मचारी संघ, बिजली ठेका कर्मचारी महासंघ, राज. गो-सेवा कर्मचारी संघ, राज. सहकारी कर्मचारी संघ, राज. रोडवेज सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ, राज. विद्युत सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ, ग्रामीण बैंक पेंशनर समिति, ग्रामीण बैंक एम्प्ल्वॉइज यूनियन, ग्रामीण बैंक आफिसर्स ऑर्गेनाइजेशन, भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ, उत्तर-पश्चिम रेलवे कर्मचारी संघ सहित कई संगठन हैं।

ये है प्रमुख मांगे

1. आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा सहयोगिनी, मिड-डे-मील वर्कर व ग्राम साथिन को वर्कर का दर्जा दिया जाए साथ ही तात्कालिक तौर पर न्यूनतम वेतन 18000/- प्रतिमाह किया जाए।
2. सभी केंद्रीय एवं राज्य के विभागों सहित निगम बोर्डों के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम पुनः लागू की जाए।
3. स्थायी कार्याें में ठेका प्रथा बंद की जाए।
4. श्रम विभाग की समितियों एवं बोर्डों में भामस को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए।
5. संगठित क्षेत्र की भांति असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भी वेतनमान, वार्षिक वेतन वृद्धि, ग्रेच्युटी, पेंशन और मेडिकल सुविधा प्रदान की जाए।
6. सरकारी उपक्रमों जैसे- विद्युत, रोड़वेज, डाक, रेलवे, बीएसएनल एवं जलदाय आदि के निगमीकरण/विनिवेशीकरण/निजीकरण पर रोक लगाई जाए।
7. ग्रामीण डाक सेवकों को रूल-3ए हटाते हुए सिविल सर्वेंट घोषित किया जाए।
8. राज्य के विभिन्न विभागों व उपक्रमों में स्थायी प्रकृति का कार्य करने वाले ठेका कर्मियों, संविदा कर्मचारियों, 108/104 एंबुलेंस कर्मियों इत्यादि को समान कार्य का समान वेतन दिया जाए।
9. सभी असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों एवं कामगारों के लिए 60 वर्ष पूर्ण होने पर न्यूनतम रुपए 3000/- सामाजिक सुरक्षा पेशन योजना लागू की जाए।
10. केंद्र एवं राज्य सरकार के सभी विभागों एवं उपक्रमों में प्रशासनिक सेवा की भांति 7,14,21 एवं 28 वर्ष सेवा अवधि पूर्ण होने पर चार गारण्टीड प्रमोशनल पोस्ट के वित्तीय लाभ प्रदान किए जाए।
11. रोडवेज में राज्य सरकार के अनुसार 01.01.2016 से 7वां वेतनमान लागू किया जाए साथ ही रोडवेज को परिवहन विभाग में मर्ज किया जाए।
12. विद्युत की 5 कंपनियों का एकीकरण कर पुनः विद्युत मण्डल बनाया जाए एवं विद्युत भत्ते के रूप में विद्युत के कर्मचारियों को 150 यूनिट बिजली प्रतिमाह फ्री दी जाए।
13. भवन निर्माण श्रमिकों के लिए बंद पड़ी शुभशक्ति योजना सहित सभी योजनाओं को पुनः बहाल कर योजना राशि एक लाख रुपए की जाए। साथ ही मजदूरों के पंजीकरण की सुविधा पुनः शुरू की जाए।
14. प्रदेश की समस्त ग्राम सेवा सहकारी समितियों में दिनांक 10.07.2017 तक नियुक्त कार्मिकों की स्क्रीनिंग 2010 के परिपत्र के अनुसार कर राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए।
15. लोक जुम्बिश कर्मचारियों को अनुदानित शिक्षाकर्मियों की भांति राजस्थान ग्रामीण स्वेच्छा शिक्षा अधिनियम, 2010 के तहत शिक्षा विभाग में सीधे मर्ज कर नियमित कर्मचारी घोषित किया जाए।
16. कृषि उपज मंडियों में कार्यरत हम्माल/पल्लेदार, मुनीम गुमाश्ता इत्यादि श्रमिकों हेतु लागू कृषक साथी योजना में मृत्यु की दशा में अनुदान राशि 10 लाख रूपए की जाए।
17. जनता जल योजना को जलदाय विभाग में मर्ज कर कार्यरत पम्प चालकों को स्थायी किया जाए।
18. रेलवे, बीएसएनल एवं डाक में रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती की जाए।
19. थड़ी ठेला मजदूर श्रमिकों को स्थायी रूप से स्थान उपलब्ध कराया जाए।
20. सीमेंट उद्योग में कार्यरत ठेका मजदूरों का न्यूनतम वेतन केंद्र के माईन्स के वेतन के समकक्ष दिया जाए।
21. वन विभाग में कार्यरत जॉब बेसिस कर्मचारियों को नियमित किया जाए।

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