शस्त्र व शास्त्र के धारक हैं: परशुराम

- लिमथान मन्दिर पर हुई धर्म सभा
- पंचकुंडीय महायज्ञ में यजमानों ने दी आहुतियां

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शस्त्र व शास्त्र के धारक हैं: परशुराम

बांसवाड़ा: श्री हरि के छठे अवतार भगवान परशुराम की जयंती पर मंगलवार को जिले के पुरातन परशुराम धाम पर विप्र फाउंडेशन के तत्वावधान में विविध आयोजन हुए। यहां हुई धर्मसभा के मुख्य अतिथि बांसवाड़ा महारावल जगमालसिंह ने कहा कि शस्त्र और शास्त्र के धारक परशुराम ने विश्व को धर्म की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति के शरीर की भांति समाज के समस्त वर्ग भिन्न भिन्न भूमिका में कार्य करते हैं।

शस्त्र व शास्त्र के धारक हैं: परशुराम

मुख्य वक्ता भुवनमुकुंद पंडया ने भगवान परशुराम के संदेश को आत्मसात करने का आह्वान किया। आरम्भ में जिलाध्यक्ष योगेश जोशी, कार्यक्रम संयोजक नारायण लाल त्रिवेदी, सह संयोजक राजेन्द्र प्रसाद जोशी, व्यवस्था प्रमुख राकेश कलाल, तहसील अध्यक्ष नवनीत त्रिवेदी, लक्ष्मी बेन व्यास, मनोज जोशी, जतिन जोशी, सतीश त्रिवेदी, हेमेन्द्र जोशी, राजेश जोशी ने अतिथियों का स्वागत किया।

विशिष्ट अतिथि विप्र वाहिनी के प्रदेश महामंत्री डॉ विकास भट्ट व जय गिरिराज सिंह रहे। धर्म सभा का संचालन विनोद पानेरी ने किया। आभार महेश जोशी ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में हरेन्द्र ठाकुर, दिनेश पंडया, किशोर पंडया, नरेन्द्र ठिकरिया भी उपस्थित रहे। अतिथियों ने यहां ऐतिहासिक परशुराम मन्दिर व कृष्ण मंदिर में पूजा अर्चना की। इसके बाद पं निकुंज मोहन पंडया के आचार्यत्व में यहाँ संचालित पंच कुंडीय विष्णु महायज्ञ में यजमानों ने आहुतियां दी। उत्तर पूजन के साथ महा आरती का आयोजन हुआ।

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