बांसवाड़ा: जिले में अज्ञात शव की शिनाख्त कराने के बहाने आनंदपुरी पुलिस एक परिवार से पिता, पुत्र और बेटी को थाने ले गई। जहां उन्हें 5 दिन तक न केवल मारा और अधमरा हो जाने पर उनके रिश्तेदारों को सौंप दिया। मामला तब सामने आया, जब पीड़ित परिवार बांसवाड़ा SP राजेश मीणा से मिलने आया। कुएं में मिले अज्ञात शव की हत्या कबूलवाने के लिए आनंदपुरी पुलिस ने पीड़ितों पर इतने जुल्म किए हैं कि दर्द के चलते उनका चलना-फिरना और बोलना दुश्वार हो गया है। पुलिस इन निर्दोषों से जब अपराध नहीं कबूल करवा पाई तो छोड़ दिया।
मामला SP मीणा के पास पहुंचा तो उन्होंने बिना देर लगाए मारपीट के मुख्य आरोपी आनंदपुरी थाना CI कपिल पाटीदार और शेरगढ़ चौकी प्रभारी लाल सिंह के खिलाफ DSP को जांच के आदेश दिए हैं। इधर, मामले को लेकर भाजपा नेता ओम पालीवाल ने भी SP के समक्ष CI पाटीदार पर गंभीर आरोप लगाए।
पीड़ित पिता ने SP मीणा से बताया कि उसकी बेटी सुनीता को 5 दिन तक थाने में रखा, जहां एक भी महिला कांस्टेबल नहीं थी। रात-दिन कभी भी जेंट्स पुलिसकर्मी उसकी बेटी से मारपीट करती रहे। पीड़ित पिता ने SP से की शिकायत में खास तौर पर थाना CI पाटीदार पर आरोप लगाए हैं।

यह है पूरा मामला
बागखोरा आनंदपुरी थाना निवासी रमण (45) पुत्र शंभू गरासिया ने SP मीणा से की शिकायत में कहा कि 10 अक्टूबर को गांव के एक कुएं में एक शव मिला था। इस पर 16 अक्टूबर को आरोपी CI कपिल पाटीदार और शेरगढ़ चौकी प्रभारी लाल सिंह मय जाब्ता उसके घर आए। पुलिस उसके अलावा बेटे ललित (24) और पुत्री सुनीता (18) को थाने ले जाकर उनसे शव के बारे में पूछताछ की। शव की अब तक भी पहचान नहीं हुई है।
गुजरात के धनपुरा (वीजापुर) तक पुलिस ने शव की शिनाख्त के प्रयास किए। लेकिन, पुलिस शव की पहचान करने और हत्या कबूलवाने के लिए पीड़ितों को लगातार 5 दिन तक पीटती रही। उन्हें भूखा-प्यासा रखा गया। इस बीच पुलिस घर पर गई और रमण की पत्नी के साथ भी अभद्रता की। घर में रखे हुए 10 हजार रुपए भी ले आई। पांच दिन तक घर नहीं आने पर चिंतित रिश्तेदार थाने पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें छोड़ा।
