जैसलमेर के रामगढ़ लाईमस्टोन ब्लॉक की प्रीमियम दर पर नीलामी, 50 साल में मिलेगा 3255 करोड़ का राजस्व – एसीएस डॉ. अग्रवाल

  • रामगढ़ ब्लॉक के 256 हैक्टेयर में 177.85 मिलियन टन लाईमस्टोन के भण्डार अनुमानित
  • लाईमस्टोन के विपुल भण्डार से राज्य में 24 सीमेंट प्लान्ट में करीब 50,000 करोड का निवेश
  • लाईमस्टोन से ही आगामी 50 सालों में एक लाख करोड़ से अधिक का राजस्व

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लाईमस्टोन ब्लॉक

जयपुर। जैसलमेर के रामगढ़ लाईमस्टोन ब्लॉक की सफल नीलामी से राज्य को अगले 50 सालों में 3255 करोड़ 61लाख रु. का राजस्व प्राप्त होगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस, पेट्रोलियम एवं पीएचईडी डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि राज्य में इस वित्तीय वर्ष में जहां मेजर मिनरल लाइमस्टोन के नागौर के बाद अब दूसरे ब्लॉक की जैसलमेर मेें सफल नीलामी की गई हैं वहीं इस वित्तीय वर्ष में लाईमस्टोन के ही पांच और नए ब्लॉकों की नीलामी की तैयारी की जा रही है।

एसीएस माइंस डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि देश में सीमेंट ग्रेड लाईमस्टोन का सर्वाधिक लगभग 20 प्रतिशत उत्पादन राजस्थान में हो रहा है। लाईमस्टोन के विपुल भण्डार के कारण ही राज्य में स्थापित 24 सीमेंट प्लान्ट में लगभग 50,000 करोड का निवेश है। उन्होंने बताया कि राज्य में मेजर मिनरल लाईमस्टोन के 18 ब्लॉक नीलाम किए जा चुके हैं जिसमें से पिछले दो सालों में 13 और इस साल दो ब्लॉक की नीलामी की जा चुकी है। इससे प्रदेश में 50 सालों में करीब एक लाख करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व प्राप्त होगा। वहीं सीमेेंट उद्योग से राज्य को प्राप्त होने वाली आय के साथ ही हजारों की संख्या में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त होगा।

डॉ. अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में खनिज खोज को बढ़ावा देने और वैध खनन को प्रोत्साहित करने के लिए अधिक से अधिक खनिज ब्लॉक तैयार कर नीलामी के निर्देश दिए हैं। इसी का परिणाम है कि राज्य सरकार द्वारा नए खनिज ब्लॉक तैयार कर भारत सरकार के ई पोर्टल के माध्यम से नीलामी की जा रही है। उन्होंने बताया कि इससे नीलामी व्यवस्था मेें पारदर्शिता के साथ ही प्रतिस्पर्धा भी बढ़ी है। खान मंत्री प्रमोद जैन भाया लगातार मोनेटरिंग करते हुए दिशा-निर्देश दे रहे हैं।

एसीएस डॉ. अग्रवाल ने बताया कि जैसलमेर के रामगढ़ लाईमस्टोन ब्लॉक के 256 हैक्टेयर क्षेत्रफल में जियोलोजिकल सर्वे ऑफ इण्डिया की रिपोर्ट के अनुसार 177.85 मिलियन टन लाईमस्टोन के भण्डार अनुमानित किए गए हैं। इनमें से 8.08 टन एसएमएस ग्रेड,4.10 टन केमिकल ग्रेड व 167.57 टन लाईमस्टोन सीमेंट ग्रेड का संभावित है। उन्होंने बताया कि समाचार पत्रों, विभाग व केन्द्र सरकार की वेबसाइट पर व्यापक प्रचार के साथ ही भारत सरकार के एमएसटीसी पोर्टल पर ई नीलामी से यह ब्लॉक 21.55 प्रतिशत प्रीमियम पर डालमिया भारत ग्रीन वीजन को नीलाम हुआ है। इससे पहले इसी वित्तीय वर्ष में नागौर में एक ब्लॉक नीलाम किया गया है।

निदेशक माइंस संदेश नायक ने बताया कि इस वर्ष लाईम स्टोन के पांच और नए ब्लॉकों की नीलामी की जाएगी जिसमें कोटा के नीमाना-दुनिया में एक व बांसवाड़ा के परथीपुरा में चार ब्लॉकों की नीलामी की तैयारी की जा रही है। डीएमजी नायक ने बताया कि विभाग द्वारा वर्ष 20-21 में जैसलमेर में दो व नागौर में एक ब्लॉक की नीलामी की गई वहीं 21-22 में झुन्झुनू में दो, नागौर में 3,व चित्तोड़ और जैसलमेर में एक-एक ब्लॉक की नीलामी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि इनकी नीलामी से प्रदेश में राजस्व के रुप में प्रीमियम राशि, रॉयल्टी, डीएमएफटी, एनएमईटी आदि में मिलाकर 50 सालों में करीब एक लाख करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व प्राप्त होगा। वहीं लाईमस्टोन के अवैध खनन पर रोक, अप्रत्यक्ष राजस्व के साथ ही हजारों की संख्या में रोजगार के अवसर विकसित होंगे।

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