उदयपुर: कोरोना काल में भले ही विद्यार्थियों को सरकार द्वारा प्रमोट करने का फैसला लिया गया है। बावजूद इसके कई महाविद्यालयों में अब भी प्रमोट करने के नाम पर विद्यार्थियों से प्रैक्टिकल नंबर्स और उपस्थिति के नाम पर अवैध रूप से पैसा मांगा जा रहा है। ऐसा ही मामला शुक्रवार को ACB की एक कार्रवाई में सबके सामने आया। जब टीम ने एक बीएड कॉलेज में प्रैक्टिकल और उपस्थिति बढ़ाने की एवज में कॉलेज प्रशासक योगेश वत्स को 5000 रुपये की रिश्वत राशि लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
ACB स्पेशल यूनिट के एएसपी उमेश ओझा ने बताया कि बांसवाड़ा के कुशलगढ़ इलाके के रहने वाले सुखराम किडिया ने रिपोर्ट दी कि उसकी छोटी बहन महारानी कॉलेज से 2 वर्षीय बीएड कोर्स कर रही है। सरकार द्वारा कोरोना काल के चलते प्रथम वर्ष अभ्यर्थियों को प्रमोट किया गया है, लेकिन कॉलेज प्रशासन इसे नहीं मानते हुए प्रैक्टिकल और उपस्थिति को दर्ज करने के लिए अतिरिक्त 20 हजार रुपये की मांग कर रहा है। परिवादी की रिपोर्ट पर एसीबी टीम ने सत्यापन कर कार्रवाई को अंजाम दिया।
प्रिंसिपल की भी होगी जांच
ओझा ने बताया कि पुलिस निरीक्षक सोनू शेखावत के नेतृत्व में टीम ने कॉलेज परिसर से 5000 रुपये रिश्वत राशि लेते कॉलेज प्रशासक योगेश्वर वत्स को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी प्रशासक परिवादी से पहले 10 हजार रिश्वत ले चुका था। एसीबी टीम अब आरोपी से पूछताछ कर कॉलेज प्रिंसिपल राजेश मंत्री की भूमिका की भी जांच कर रही है। बता दें कि इससे पहले पिछले सप्ताह बीकानेर में ACB ने MN इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग के प्रिंसीपल व एक लिपिक को फीस से 10 हजार रुपये अतिरिक्त वसूलने पर गिरफ्तार किया था।
