बैंगलुरु। राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को कांग्रेस आलाकमान ने भेजा तो था केन्द्र की मोनेटाइजेशन नीति के खिलाफ विरोध की आवाज उठाने के लिए। उन्होंने नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन के विरोध में कांग्रेस के पक्ष को भी प्रभावी ढंग से रखा,लेकिन कर्नाटक के मीडिया की जिज्ञासा भी यह जानने की थी कि राजस्थान में क्या हो रहा है। उनका क्या होगा आदि-आदि।
पायलट ने हालांकि इन सवालों का भी खुलकर जवाब दिया और कहा कि आलाकमान के समक्ष अपनी बात रखने का हमें हक हैं। पार्टी मंच पर बात रखने के लिए हर कोई स्वतंत्र है उसी के तहत हमने अपनी बात रखी थी। राजस्थान के मुद्दों को लेकर बनी कमेटी का जिक्र करते हुए पायलट ने कहा कि कांग्रेस के राजस्थान प्रभारी व वेणुगोपाल फीडबैक लेकर आए हैं। पार्टी में कोई मतभेद नहीं है। नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल है। पार्टी कार्यकर्ता संघर्ष कर रहे हैं। हमने राजस्थान में विरोध और लड़ाई के लिए सब कुछ किया है। हम बीजेपी के खिलाफ लड़ते रहेंगे। हम सब एक साथ हैं। जिन पर एक राय नहीं वे कुछ मामूली मुद्दे हो सकते हैं।
कांग्रेस ही भाजपा का विकल्प
उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को भाजपा का विकल्प बताते हुए कहा कि इसके लिए हमें पूरे देशभर में मजबूत होने की जरूरत हैं उसकी ही कवायद की जा रही हैं। लोकसभा चुनाव में पार्टी संगठित रूप से चुनाव मैदान में उतरे तो जनता तैयार बैठी हैं,क्योंकि वर्तमान मोदी शासन से जनता पूरी तरह से त्रस्त हैं।
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मंत्रिमण्डल का फैसला सीएम-आलाकमान करेगा
पायलट से जब मंत्रिमण्डल विस्तार और फेरबदल के बारे में पूछा गया तो यह कहकर सवाल को टाल गए कि ये फैसला आलाकमान और मुख्यमंत्री को करना है कि वे कब करेंगे और किसे मंत्री बनाएंगे और हटाएंगे। राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने केन्द्र पर आरोपों की बोछार करते हुए कहा कि लाभ वाले उपक्रमों को भी बेचा जा रहा हैं। सब कुछ निजी हाथों में सौँपने की मोदी सरकार की नीति हैं।
सबका निजीकरण करने की केन्द्र की नीति
सचिन पायलट ने कहा कि केंद्र सरकार एनएमपी एक्ट ला रही है। इसके खिलाफ हमने आवाज उठाई है। सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण, इंफ्रास्ट्रक्चर में 100 करोड़ का निवेश सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण पहले हमारी सरकार में नहीं था। रेलवे, एयरपोर्ट, गैस लाइन सब सार्वजनिक क्षेत्र में थे, लेकिन अब सब कुछ निजीकरण होने जा रहा है।
महंगाई की मार से जनता त्रस्त
भाजपा सरकार राजस्व उत्पन्न करने में विफल रही है। अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। आज पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ रहे हैं।रसोई गैस के दाम बढ़ गए हैं। कीमतों में वृद्धि के कारण लोगों का जीवन स्तर गिर गया है। स्वच्छ भारत, मेक इन इंडिया, गंगा स्वच्छ परियोजना कहां है। नौकरी की सुरक्षा नहीं है। हजारों की नौकरी चली गई। आज देश में सब कुछ चौपट हो गया है। उचित नीतियों का क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। केंद्र की योजनाएं सार्वजनिक नहीं हैं। वैक्सीन वितरण भी अप्रासंगिक है। राज्य और केंद्र के बीच कोई सामंजस्य नहीं है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि वैक्सीन की डिलीवरी ठीक से नहीं की गई।
देश 50 साल पीछे चला गया
उन्होंने कहा कि देश का विकास 50 साल पीछे चला गया है। सरकार संसद में जवाब नहीं दे पा रही। कांग्रेस की किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ भी लड़ाई है। सचिन पायलट ने केंद्र की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए केंद्र के खिलाफ विरोध प्रकट किया।
