जयपुर। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार को स्व.अहमद पटेल के स्थान पर कोषाध्यक्ष व कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनियां गांधी के राजनैतिक सलाहकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा सकती हैं। कांग्रेस आलाकमान के निकट माने जाने वाले शिवकुमार को ये जिम्मेदारी सौंपने के पीछे दो कारण है कि वे एक तो गांधी परिवार के विश्वसनीय है। दूसरा उनका बड़े प्रमुख औद्योगिक घरानों से भी संबंध हैं।
डीके शिवकुमार की स्व. अहमद पटेल के स्थान पर उनकी नियुक्ति होने के एक नहीं कई मायने हैं। दिल्ली में कोषाध्यक्ष के साथ दस जनपथ के सलाहकार के रूप में काम करने का मौका भी काफी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में जब तक राजनैतिक हालात कर्नाटक में बदले नहीं तब तक वे दिल्ली में सिफ्ट हो सकते हैं। उनकी इस बार की दिल्ली यात्रा को इस अहम फैसले से जोड़कर देखा जा रहा हैं।

वे राजस्थान यात्रा पर आए उसमें भी एक कारण यह भी जुड़ा हुआ था। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से तो मंत्रणा की ही, उसके साथ ग्रह-नक्षत्रों के जानकार ज्योतिषी डॉ. अरुण अग्रवाल श्रीमाधोपुर से भी उनकी एक घंटे तक चर्चा हुई बताई। जानकर सूत्रोंं के अनुसार डीके शिवकुमार की हालांकि नजर कर्नाटक के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर हैं। उन्हें लगता है कि येदियुरप्पा के जाने के बाद बोम्मई की सरकार ज्यादा दिन टिक नहीं पाएगी। कर्नाटक में कांग्रेस फिर से सरकार बना सकती हैं। शिवकुमार सीएम के दावेदार हैं, लेकिन कर्नाटक में फेरबदल से पहले उन्हें जो ऑफर मिला है वह भी कांग्रेस की राजनीति में गांधी परिवार के बाद सबसे महत्वपूर्ण हैं।
जानकारी के अनुसार दस जनपथ में सहयोगी की भूमिका में कमलानाथ ये सब काम देख रहे हैं। डीके शिवकुमार के आ जाने से पार्टी संगठन को और बल मिलेगा। वर्तमान में कोषाध्यक्ष का पद कार्यवाहक के रूप में पवन कुमार बंसल संभाल रहे हैं।Read More: कार्यकारी कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष बनाने में भी पेच फंसा, वरिष्ठ नेता डोटासरा के अधीन काम करने को तैयार नहीं
