जयपुर। जालौर से भाजपा विधायक और पार्टी के सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने जालौर अस्पताल में बेकार पड़े वेंटिलेटर्स को चालू करवाने में विफल रहने पर आत्मदाह तक करने की बात कही है। गर्ग ने ट्वीट के जरिए जालौर अस्पताल में पीएम केयर से मिले 13 वेंटिलेटर्स बेकार पड़े होने और तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें चालू नहीं करवा पाने की हताशा में आत्मदाह तक की चेतावनी दे दी। गर्ग की इस चेतावनी में वेंटिलेटर चालू नहीं करवाने की बेबसी छिपी है।
जोगेश्वर गर्ग ने सोशल मीडिया पर लिखा- मेरी सारी ताकत और समझ काम में ले कर थक गया। नतीजा शून्य। कलेक्टर कार्यालय के आगे खड़े होकर आत्मदाह करना बाकी रह गया है। आप कहो तो वो भी कर दूं यदि कोई गारंटी ले कि उसके बाद ये वेंटिलेटर चालू हो जाएंगे।
मेरी सारी ताकत और समझ काम में ले कर थक गया। नतीजा शून्य। कलेक्टर कार्यालय के आगे खड़े होकर आत्मदाह करना बाकी रह गया है। आप कहो तो वो भी कर दूं यदि कोई गारंटी ले कि उसके बाद ये वेन्टीलेटर चालू हो जाएंगे। https://t.co/pcBWWfska8
— जोगेश्वर गर्ग (@jogeshwarg) May 10, 2021
सोशल मीडिया पर यूजर ने उठाया था मुद्दा
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने जालौर अस्पताल के बंद वेंटिलेटर्स का मुद्दा उठाया तब गर्ग ने यह जवाब दिया। इसकी शुरुआत एक मरीज के परिजन की वेंटिलेटर दिलवाने की गुहार से हुई। गर्ग ने इसके जवाब में लिखा था कि जोधपुर से पहले कहीं भी वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं है। इस पर कई यूजर्स ने जोगेश्वर गर्ग को जवाब देते हुए लिखा कि जालौर में अगर PM केयर में मिले वेंटिलेटर्स चालू होते तो आज जोधपुर जाने की नौबत नहीं आती।
ये वेबसाइट झूठी है। जालोर जिला अस्पताल में 7 नहीं 13 वेंटिलेटर पेटी-पैक पड़े हैं। जिसको अगरबत्ती करनी हो आ जाओ। मरीजों के लिए काम में नहीं लिये जा रहे। पूरे राजस्थान में ऐसे 1500 से अधिक पड़े हैं। ये मुद्दा उठाते हुए एक महीने से अधिक हो गया। सरकार हिलने को तैयार नहीं है। https://t.co/BfsEmqdOhs
— जोगेश्वर गर्ग (@jogeshwarg) May 10, 2021
सरकार की वेबसाइट को दिया झूठा करार
जोगेश्वर गर्ग ने अस्पताल में बेड और वेंटिंलेटर्स की रियल टाइम जानकारी डेशबोर्ड पर देने वाली सरकारी वेबसाइट को झूठा करार दिया है। गर्ग ने लिखा- ये वेबसाइट झूठी है। जालोर जिला अस्पताल में 7 नहीं 13 वेंटिलेटर पेटी-पैक पड़े हैं, जिसको अगरबत्ती करनी हो आ जाओ। मरीजों के लिए काम में नहीं लिए जा रहे। पूरे राजस्थान में ऐसे 1500 से अधिक पड़े हैं। ये मुद्दा उठाते हुए एक महीने से अधिक हो गया। सरकार हिलने को तैयार नहीं है।
कोई @ashokgehlot51 @RaghusharmaINC से कहकर इन वेन्टीलेटरोंका उपयोग शुरू करवादे तो और वेन्टीलेटरोंकी लाइन लग जायेगी। सरकार इस विषय पर न तो गम्भीर है न ही चिंतित।@BJP4Rajasthan @gssjodhpur @arjunrammeghwal @KailashBaytu @VasundharaBJP @Gulab_kataria @DrSatishPoonia @devjimpatel https://t.co/lRFmT8Py2o
— जोगेश्वर गर्ग (@jogeshwarg) May 10, 2021
एक साल पहले आ गए थे वेंटिलेटर
जोगेश्वर गर्ग ने एक यूजर को जवाब देते हुए लिखा-ये वेंटिलेटर लगभग एक साल पहले आ गए थे। अधिकांश वेंटिलेटर PM केयर फंड से खरीद कर भारत सरकार ने भेजे थे। एक-दो तत्कालीन कलेक्टर हिमांशु गुप्ता के प्रयासों से दानदाताओं ने दिए थे। गुप्ता भी इन्हें चालू नहीं करवा पाए। वर्तमान प्रशासन भी हाथ खड़े कर चुका है। कोई मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से कहकर इन वेंटिलेटर्स का उपयोग शुरू करवा दे तो और वेंटिलेटरों की लाइन लग जाएगी। सरकार इस विषय पर न तो गम्भीर है न ही चिंतित।
आप लोग तो इक्का दुक्का मामले देखते होंगे। मैं तो हर घंटे एक दो को बेड, ऑक्सीजन और इंजेक्शन उपलब्ध करवाने के लिए संघर्ष करता हूँ। सफलता मिलती है तो चैन आ जाता है। एक भी केस बिगड़ जाता है तो फिर खाना सोना सब मुश्किल हो जाता है। https://t.co/Bu4V0v3k4e
— जोगेश्वर गर्ग (@jogeshwarg) May 10, 2021
डंप पड़े हैं PM केयर से मिले वेंटिलेटर्स
यह पूरा मामला PM केयर फंड में मिले वेंटिलेटर्स के काम नहीं लेने से जुड़ा है। जालौर जिला अस्पताल में करीब 13 वेंटिलेटर्स बेकार पड़े हैं जिन्हें चालू नहीं किया है। इस वजह से जालौर के गंभीर मरीजों को जोधपुर या गुजरात के अस्पतालों में जाना पड़ता है। जोगेश्वर गर्ग ने उन्हीं वेंटिलेटर्स को चालू नहीं करवा पाने पर बेबसी जताते हुए आत्मदाह तक की बात कह दी।
