लखनऊ: उत्तर प्रदेश में कॉलेज छात्रों की 2021 की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। राज्य सरकार ने लगभग 41 लाख स्नातक (UG) और परास्नातक (PG) छात्रों को प्रमोट करने का फैसला किया है। स्नातक प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्र और स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष के छात्रों को बिना परीक्षा के पदोन्नत किया जाएगा। वहीं, स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के अंतिम वर्ष के छात्र – छात्राओं के लिए परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षाएं अगस्त में आयोजित की जाएंगी। यह घोषणा उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने की है।
यूपी के बाद राजस्थान सहित कई प्रदेशों में प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्रों को बिना परीक्षा के अगली कक्षा में प्रमोट करने की मांग उठने लगी है। राजस्थान में राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को इस पर अंतिम निर्णय करना है। प्रगतिशील छात्रसंघ अध्यक्ष हर्ष शर्मा ने मांग की है कि कोरोना के स्ट्रेस के चलते छात्रों की न तो सही ढंग से क्लास ही हो पाई है और अब भी खतरा टला नहीं है ऐसे में प्रथम व द्वितीय वर्ष कॉलेज परीक्षा को रद्द कर इन्हें भी अगली कक्षा में प्रमोट करने पर सहानुभूति पूर्वक विचार करना चाहिए।
समिति का परीक्षा को लेकर सुझाव
हालांकि परीक्षा को लेकर सुझाव दिया गया है कि एक विषय के सभी प्रश्न पत्रों को सम्मिलित करते हुए एक ही प्रश्न पत्र बनाने पर विचार किया जाए। प्रश्न पत्र बहुविकल्पी एवं ओएमआर आधारित हो, परीक्षा का समय अधिकतम डेढ़ घंटा रखने के लिए कहा गया है। विश्वविद्यालय चाहे तो ऑनलाइन माध्यम से भी परीक्षा करा सकते हैं,अगर परीक्षा का समय घटाया जाता है तो उसी अनुपात में प्रश्न पत्र में प्रश्नों की संख्या को कम करने के लिए भी कहा गया है।
स्नातक द्वितीय एवं अंतिम वर्ष तथा स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष की परीक्षाएं विश्वविद्यालय द्वारा स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए मध्य-अगस्त तक संपन्न की जाएगी परीक्षा प्रणाली का सरलीकरण – OMR आधारित/ बहुविकल्पीय/ विस्तृत प्रश्नों का सम्मिश्रण, अवधि घटाकर एक-डेढ़ घंटा।
— Dr Dinesh Sharma BJP (@drdineshbjp) June 8, 2021
अहम बात यह है कि कई विश्वविद्यालयों में 2020 में कोरोना महामारी के कहर के कारण लॉकडाउन की स्थिति में पिछले सत्र में स्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षाएं आयोजित नहीं की गई थी। ऐसे विश्वविद्यालयों के द्वारा परीक्षार्थियों को बिना परीक्षा के द्वितीय वर्ष में प्रमोट कर दिया गया था। इन विश्वविद्यालयों में अब स्नातक द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों की भी परीक्षा कराई जाएगी।
