वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में हैं। कोरोना काल में करीब आठ महीने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी वाराणसी के दौरे पर है। इस दौरे में प्रधानमंत्री मोदी ने काशी को करीब 1500 करोड़ से अधिक की योजनाओं की सौगात दी, जिसमें बहुचर्चित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर भी शामिल है। इस मौके पर मोदी ने कहा कि रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर के जरिए काशी का प्राचीन वैभव आधुनिक स्वरूप में अस्तित्व में आ रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार दोपहर को रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर का उद्घाटन किया। ये कन्वेंशन सेंटर जापान की सहायता से तैयार किया गया है, जिसमें सभी आधुनिक सुविधाएं हैं। इसकी बिल्डिंग को शिवलिंग की तरह डिजाइन किया गया है। इसे आधुनिक तकनीक के साथ बनाया गया है, इसमें 108 रुद्राक्ष लगाए गए हैं। साथ ही इसमें 1200 लोगों के एक साथ बैठने की क्षमता है। इस कन्वेंशन सेंटर को 186 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इसका शिलान्यास पीएम मोदी ने जापान के तत्कालीन शिंजो आबे के साथ मिलकर किया था।
इस दौरान राज्यपाल आनंदी पटेल, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।
बनारस में विकास की गंगा बहती रही
रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर के उद्घाटन के मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि महादेव के आशीर्वाद से काशीवासियों ने विकास की गंगा बहा दी है। आज ही करोड़ों रुपये की अनेक योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। कोरोनाकाल में जब दुनिया रुक सी गई उस दौरान भी बनारस में विकास की गंगा बहती रही। पीएम ने कहा कि रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर काशी के विकास की गतिशीलता का एक प्रमाण भी है।
आज के इस आयोजन में एक और व्यक्ति हैं, जिनका नाम लेना मैं भूल नहीं सकता। जापान के ही मेरे एक और मित्र- शिंजो आबे जी।
मुझे याद है, शिंजों आबे जी जब प्रधानमंत्री के तौर पर काशी आए थे, तो रुद्राक्ष के आइडिया पर उनसे मेरी चर्चा हुई थी: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) July 15, 2021
शिंजो आबे का किया धन्यवाद
इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा, “मैं आज जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे को नहीं भूल सकता। आबे जब भारत आए थे तो मेरी रुद्राक्ष के आइडिया पर मेरी उनसे लंबी चर्चा हुई थी, उन्होंने तुरंत अपने अधिकारियों से इस आइडिया पर काम करने को कहा। जिसकी बदौलत आज ये भव्य इमारत काशी की शोभा बढ़ा रही है।”
काशी की पहचान बनेगा रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर
पीएम मोदी ने कहा कि बड़े-बड़े सेमीनार के लिए वाराणासी अपने आप में आइडियल जगह है। यहां लोग रुकना चाहते हैं। ऐसे में रुद्राक्ष इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आने वाले समय में ये सेंटर काशी की पहचान बनेगा।
बीएचयू में 100 बेड्स के चाइल्ड हेल्थ विंग की शुरुआत
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीएचयू का दौरा भी किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में 100 बेड्स के चाइल्ड हेल्थ विंग की शुरुआत की, यहां पर पीएम ने निरीक्षण भी किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोजपुरी में बात करते हुए कहा, ‘लंबे समय बाद आप सब लोगन से सीधी मुलाकात का अवसर मिलल हो। काशी के सभी लोगन के प्रणाम। हम समस्त लोग के दुख हरे वाले भोलेनाथ, माता अन्नपूर्णा के चरण में भी शीश झुकावत अही।’
बड़ी स्क्रीन्स के माध्यम से गंगा जी के घाट पर और काशी विश्वनाथ मंदिर में होने वाली आरती का प्रसारण पूरे शहर में संभव हो पाएगा: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) July 15, 2021
शहर के अलग-अलग हिस्सों में देख सकेंगे आरती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यूपी में मेडिकल कॉलेज की संख्या चार गुनी हो गई है। जबकि करीब साढ़े पांच सौ से अधिक ऑक्सीजन प्लांट प्रदेश में लगाए जा रहे हैं, 14 प्लांट की शुरुआत आज वाराणसी में ही हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि शहर के अलग-अलग हिस्सों में LED स्क्रीन लग रही हैं। गंगा घाट और काशी विश्वनाथ मंदिर में होने वाली आरती का प्रसारण अब पूरे शहर में हो पाएगा।
देश में आधुनिक कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जो 1 लाख करोड़ रुपए का विशेष फंड बनाया गया है, उसका लाभ अब हमारी कृषि मंडियों को भी मिलेगा।
ये देश की कृषि मंडियों के तंत्र को आधुनिक और सुविधा संपन्न बनाने की तरफ एक बड़ा कदम है: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) July 15, 2021
किसानों को भी नहीं भूले
मोदी ने अपने भाषण में किसानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘हमारी खेती से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और कृषि आधारित कारोबार से ही भारत आत्मनिर्भर बनेगा। हाल ही में इसके लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। देश में आधुनिक कृषि के लिए एक लाख करोड़ के विशेष फंड का लाभ मंडियों को भी मिलेगा। इससे मंडी आधुनिक बनेंगी। सरकारी खरीद से जुड़े सिस्टम को आसान बनाना हमारी प्राथमिकता है। धान और गेहूं की रिकॉर्ड सरकारी खरीद इसका सबूत है। हमारा लंगड़ा और दशहरी आम दुनिया में अपनी पहचान बना चुका है। इससे छोटे किसानों को सबसे ज्यादा लाभ होगा।

