केवल गौ सेवा से सब कुछ मिल सकता है

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केवल गौ सेवा से सब कुछ मिल सकता है

कोलकाता। गौसेवा ही गोविंद की सेवा है। बिना सेवा के शांति का मिलना मुश्किल है। केवल प्रेम भाव से की गई गौसेवा से ही लौकिक और पारलौकिक आनंद को पाया जा सकता है। भावों में बहुत ताकत होती हैं। प्रेम भाव से भगवान को भी पाया जा सकता है। हर घर में गौ का वास होना चाहिए। गौ माता का मुख का झाग जहा गिरता है, उस स्थान के वास्तु दोष ठीक हो जाता है। भगवान के नाम से बड़ा कोई शगुन नही होता। जब भी घर से निकले 5बार नारायण का नाम लेकर निकले। भगवान की कथा जब कानो के माध्यम से प्रवेश करती है तो जन्म जन्म के ताप मिटा देती है। नेत्रों का परम पुरषार्थ यही है की उससे प्रभु का दर्शन किया जाएं। ठाकुर जी के दर्शन करने से जो शांति शीतलता का अनुभव होता है, वह दुनिया की किसी भी खूबसूरती को देखकर नही हो सकता। हरी का दर्शन है ही जीव का स्वार्थ भी है एवम परमार्थ भी है।

ये भाव महाराज श्री दत्त शरणानन्द जी महाराज के सानिध्य में परम पूज्य गौवत्स श्री राधाकृष्ण जी महाराज के श्रीमुख से रुक्मणि महामंगल एवम फाग महोत्सव के तीसरे दिन कलामंदिर में व्यक्त हुएं। पथमेड़ा धाम के अध्यक्ष श्री राजकुमार अग्रवाल ने सभी को गौसेवा से जुड़ने का आह्वाहन किया। आज के कार्यकर्म में श्री श्याम बेरीवाल,ललित बेरीवाल,अशोक तोदी,महावीर अग्रवाल,केशवराम अग्रवाल,आनंद अग्रवाल,सांवरमल अग्रवाल,गोविंदराम अग्रवाल,सत्यनारायण राठी,सत्यनारायण देवरालिया,विनोद केडिया,वैद्य लक्ष्मण व्यास जी सहित समाज के वशिष्ठ गोभक्तो ने भाग लिया। पथमेड़ा गौ धाम के संरक्षक एवम संस्थापक परम पूज्य गौ ऋषि स्वामी श्री दत्त शरणानंदजी जी महाराज ने कहा कि शरीर व संसार अनित्य है,यह सब छुटने वाले है,हम शरीर नही है,,इस बात को पक्का कर लेना चाहिए।

आगामी 8 मार्च तक महाराज श्री का नित्य सत्संग शाम को 7 से 9 फूलबगान स्थित रमा पैलेस के सभागार में भी चल रहा है। ललित बेरीवाल जी ने अपने उद्बोधन में गौसेवा के महत्व को बताया। गौसेवा के मोक्ष प्रदान करने वाले इस मंगल उत्सव को सफल बनाने में रमाकांत बेरीवाल, सुशील ओझा, कुलदीप राजपुरोहित,राजेश अग्रवाल,राजेश गुप्ता,सूर्यप्रकाश तोषनीवाल,ललित बेरीवाल,सुशील पोद्दार,मनोज परशुरामपुरिया,मनोज अग्रवाल,सुभाष खेरिया,नितिन सिंघी,संजय अग्रवाल,सज्जन शर्मा सहित साल्टलेक संस्कृति संसद की पूरी टीम सक्रिय थी।।आज के कार्यकर्म का संचालन आलोक सिंघल जी ने किया।

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