कोलकाता : मुकुल रॉय और उनके बेटे शुभ्रांग्शु की तृणमूल में वापसी हो गई है और इसी के साथ शुरू होगा उन लोगों के भी तृणमूल में लौटने का दौर, जो चुनाव से पहले खेमा बदल चुके थे। हालांकि, ममता बनर्जी ने साफ कर दिया है कि जिन्होंने गद्दारी की है, उनके लिए तृणमूल में कोई जगह नहीं है। मुकल रॉय ने वापसी पर कहा कि जो हालात अभी भाजपा में हैं, उनमें वहां कोई नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि घर वापस आकर अच्छा लग रहा है। मुकुल रॉय ने कहा कि बंगाल में जो स्थिति है, उसमें कोई बीजेपी में रहेगा नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि दीदी के साथ कोई मतभेद नहीं था और वह देश की नेता हैं।
मुकुल की नाराजगी की वजह भाजपा में शुभेंदु का कद
TMC के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि मुकुल रॉय को BJP ने उचित सम्मान नहीं दिया इसलिए वे दोबारा TMC में वापसी कर रहे हैं। शुभेंदु अधिकारी का कद जिस तेजी से BJP में बढ़ा है, वैसा सम्मान मुकुल को नहीं मिला। ये भी उनकी बेचैनी की एक वजह है, जबकि TMC में मुकुल रॉय का कद कभी नंबर-2 का हुआ करता था।
दीदी सभी को शामिल करने के मूड में नहीं
मुकुल रॉय के अलावा BJP के करीब 33 विधायक-सांसद ऐसे हैं, जो दोबारा TMC में शामिल होना चाहते हैं। इनमें राजीव बनर्जी, सोवन चटर्जी, सरला मुर्मु, पूर्व विधायक सोनाली गुहा और फुटबॉलर से राजनेता बने दीपेंदू विश्वास जैसे नेता शामिल हैं।
