चंडीगढ़ : पंजाब कांग्रेस में चल रहा घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा। प्रदेश प्रभारी हरीश रावत लगातार सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रदेश पार्टी प्रधान नवजोत सिद्धू के बीच तालमेल बैठाने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन अब उन्होंने भी पंजाब कांग्रेस में सब कुछ ठीक न होने की बात मान ली है। रावत ने कहा कि वे यह नहीं कह सकते कि सब ठीक है लेकिन प्रयास जारी है। साथ ही उन्होंने पंजाब कैबिनेट में फेरबदल पर किसी तरह की चर्चा से भी इनकार किया है।
इससे पहले मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और पंजाब प्रभारी हरीश रावत के बीच मैराथन बैठक हुई। बैठक में रावत ने मुख्यमंत्री को नाराज मंत्रियों और विधायकों से मिलकर उनकी शिकायतों को जल्द दूर करने की सलाह दी। इसके अलावा कृषि सुधार कानून, बिजली समझौते, नशा और बस परमिटों के मुद्दों को तत्काल हल करने को कहा।
हाईकमान के 18 सूत्रीय एजेंडे पर हुई चर्चा
सिसवां फार्म हाउस में कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात के बाद पंजाब प्रभारी हरीश रावत ने बताया कि हाईकमान के 18 सूत्रीय एजेंडे पर मुख्यमंत्री से बात हुई है। अमरिंदर सिंह ने बताया है कि इन सभी मुद्दों पर काम किया जा रहा है। इसके अलावा कैप्टन को नाराज चल रहे विधायकों और मंत्रियों से मुलाकात कर मनाने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि कुछ और प्रमुख मुद्दों को भी हल करने के लिए अमरिंदर को कहा गया है। रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सभी मुद्दों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
मुख्यमंत्री से मुलाकात से पहले हरीश रावत से कैबिनेट मंत्री ओपी सोनी, विधायक राजा वड़िंग और मोहम्मद मुस्तफा ने मुलाकात की। मो. मुस्तफा ने कहा कि कांग्रेस में समस्या तो है, यदि मैं यह नहीं कहूंगा तो मैं झूठ बोल रहा हूं। इस मसले को हल करने के लिए मैंने सुझाव दिए गए हैं, यदि वह अमल में लाए जाते हैं तो सभी मुद्दे हल हो जाएंगे। राजा वड़िंग ने कहा कि पंजाब प्रभारी से सभी मुद्दों को लेकर बात हुई है। अभी तक मंत्रियों और विधायकों ने जो मुद्दे उठाए हैं, वे हल होने बेहद जरूरी हैं। इसके लिए सोनिया गांधी, फिर राहुल गांधी से बात कर हस्तक्षेप करना चाहिए।
