जयपुर। गहलोत सरकार में शामिल सभी मंत्रियों ने आज अपने इस्तीफे सौंप दिए। इसी के साथ मंत्रिमंडल पुनर्गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। कल शाम चार बजे राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह होगा, जिसमें गहलोत मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राज भवन जाकर राज्यपाल कलराज मिश्र से मुलाकात कर रहे है। मुख्यमंत्री उन मंत्रियों के इस्तीफे राज्यपाल को सौंप देंगे, जिनके इस्तीफे मंजूर कर लिये गए है। बाकी इस्तीफे मुख्यमंत्री अपने पास रख लेंगे। इससे पूर्व मुख्यमंत्री निवास पर हुई मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रस्ताव रखा। उसके बाद सभी ने अपने पदों से इस्तीफे लिखकर मुख्यमंत्री को सौंप दिए। मंत्रिमंडल की इस बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी महासचिव अजय माकन भी मौजूद थे।
बैठक खत्म होने के बाद परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने यह जानकारी दी और बताया कि सभी विधायकों को कल दो बजे प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय बुलाया गया है। वहीं से तय होगा कि किन-किन को शपथ लेने के लिए राजभवन जाना है। खाचरियावास के अनुसार, मंत्रिमंडल से इस्तीफा एक सतत प्रक्रिया के तहत लिए गए है ताकि मुख्यमंत्री अपने हिसाब से मंत्रिमंडल का पुनर्गठन कर सके।
16 जिलों में नहीं कोई प्रतिनिधित्व
पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि जहां 13 जिलों को गहलोत मंत्रिमंडल में पहले प्रतिनिधित्व नहीं था वहां कैसे प्रतिनिधित्व दिया जाए। पहले जिन 13 जिलों को प्रतिनिधित्व नहीं था उनमे धौलपुर, उदयपुर, प्रतापगढ़ ,प्रतापगढ़, डूंगरपुर, भीलवाड़ा, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरु, झुंझुनू, सिरोही, टोंक, सवाई माधोपुर और करौली है। शिक्षा मंत्री रहे गोविंद डोटासरा, स्वास्थ्य मंत्री रहे रघु शर्मा और राजस्व मंत्री रहे हरीश चौधरी के इस्तीफे होने के बाद प्रदेश के 16 जिले ऐसे हैं। जहां मंत्रिमंडल में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। अब सीकर बाड़मेर और अजमेर में भी कोई प्रतिनिधित्व नहीं रह गया है। ऐसे में पार्टी के सामने चुनौती यह होगी कि कैसे 16 जिलों को प्रतिनिधित्व दिया जाए।
