उदयपुर। विप्र वाहिनी जोन 1 ए ने डूंगरपुर में तहसीलदार ने शाकाहारी वर्ग के राज्य कर्मचारियों की ईद-उल- जुहा पर कुर्बानी से निकलने वाले मांस के अपशिष्ट का निस्तारण करने की ड्यूटी लगाई। इससे ना केवल ब्राह्मण समाज की अपितु संपूर्ण सनातन समाज की धार्मिक एवं सामाजिक भावना आहत हुई है। विप्र वाहिनी के प्रदेश महामंत्री डॉ.विक्रम मेनारिया ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मांग कि ऐसे असंवेदनशील अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही की जाए जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो सके। विप्र वाहिनी के संरक्षक विजय प्रकाश विप्लवी ने कहा कि तुष्टीकरण नीति को त्यागते हुए सभी के साथ न्याययोचित व्यवहार हो जिससे संपूर्ण राजस्थान में एक श्रेष्ठ सामाजिक वातावरण बन सके।
इससे पूर्व कलेक्ट्री में विप्र पदाधिकारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए घटना की कड़ी आलोचना की। प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को तुरंत इस घटना पर संज्ञान लेते हुए ऐसे अधिकारी पर कार्यवाही की मांग की एवं एडीएम सिटी ओ.पी.बुनकर को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर राजेंद्र प्रसाद शर्मा,चंद्रप्रकाश, प्रदीप शर्मा, विश्वास शर्मा, सौरभ शर्मा, केके भट्ट इत्यादि विप्र बंधु उपस्थित थे।
