जयपुर। दौसा के पास कल रात बड़ा रेल हादसा ग्रामीणों की सूझबूझ के कारण टल गया। अगर ग्रामीण रेल अफसरों को समय पर नहीं बुलाते तो ना जाने कितनी ट्रेनें दुर्घटनाग्रस्त होती। दिल्ली-जयपुर रेलमार्ग पर चोरों ने ट्रैक से पटरी को जोड़ने वाले करीब 500 मीटर तक के लॉक (फिश प्लेट) ही निकाल लिए थे। कुछ ही देर में इसी ट्रैक से ट्रेन गुजरने वाली थी। समय रहते गांव वालों की इसकी भनक लग गई और उन्होंने रेलवे अफसरों को सूचना दे दी। मौके पर पहुंचे रेल अफसरों ने बांदीकुई व दौसा रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों को रुकवाया। सही समय पर जानकारी मिलने से बड़ा हादसा टल गया। यह घटना दौसा के कोलवा थाना क्षेत्र की है।
गुरुवार रात पौने नौ बजे ट्रेन आने से पहले कालोता गांव के पास दिल्ली-जयपुर ट्रैक पर चोरों ने पटरी से लॉक निकाले। इस दौरान तेज आवाज हो रही थी। इससे गांव वालों के कान खड़े हुए। ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो चोर लोहे के लॉक बोरियों में भर रहे थे। गांव वालों को देख चोर भाग खड़े हुए। फौरन पुलिस और रेल अफसरों को सूचना दी गई।
अलग-अलग हुई रेल पटरियों को जोड़ने के लिए फिर से काम शुरू किया गया। करीब पौन घंटे तक ट्रेनों का संचालन बाधित रहा। इसके बाद ही ट्रेनों का संचालन शुरू किया जा सका। पहली ट्रेन डाउन स्पीड में मालगाड़ी निकाली गई। इसके बाद एक-एक कर अन्य ट्रेनों का संचालन शुरू किया जा सका। फिश प्लेट निकालने वाले बदमाश कौन थे, इसका अभी तक पता नहीं चला है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
