Headlines

उदयपुर की लीला होटल को नोटिस,समय पर भरना होगा सालाना एनर्जी रिटर्न-एसीएस एनर्जी डॉ. अग्रवाल

WhatsApp Image 2022 03 02 at 18.02.21 e1646226965575

जयपुर। राज्य में ऊर्जा दक्षता के लिए डेडिकेटेड विद्युत उपभोक्ताओं को केन्द्र सरकार के ऊर्जा दक्षता मापदण्डों की पालना और सालाना एनर्जी रिटर्न प्रस्तुत करने के निर्देशों की सख्ती से कार्यवाही सुनिश्चित करनी होगी। इसी क्रम में उदयपुर की लीला होटल को 15 दिन में फार्म 3 व संषोधित फार्म 3 की सूचना प्रस्तुत करने का नोटिस दिया गया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव एनर्जी डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि चालू सर्कल 2019-20 से 2021-22 के अनुसार प्रदेश की छह कंपनियां इस दायरे में आती है वहीं अब तक प्रदेश के 86 संस्थान इस कैटेगरी में हैं।

एसीएस एनर्जी डॉ. सुबोध अग्रवाल बुधवार को अक्षय ऊर्जा निगम में समीक्षा बैठक में ऊर्जा दक्षता मापदंडों की पालना सुनिष्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार के ऊर्जा मंत्रालय द्वारा 10 प्रकार की विभिन्न केटेगरी में ऊर्जा संरक्षण के लक्ष्यों का निर्धारण करते हुए ऊर्जा बचत की पालना की सख्त हिदायत दी हुई है। राज्य में केन्द्र द्वारा जारी कैटेगरी में अब तक कुल 86 डेडिकेटेड उपभोक्ता इस श्रेणी में आते हैं। इन 86 डेडिकेटेड उपभोक्ताओं को प्रतिवर्ष अक्षय ऊर्जा निगम को प्रति देते हुए केन्द्र सरकार के ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिसिएंसी को निर्धारित प्रपत्रों में रिटर्न प्रस्तुत करने होते हैं वहीं केन्द्र सरकार के ऊर्जा मंत्रालय द्वारा जारी तीन वर्षीय चक्रानुसार नई संस्थाओं का चयन किया जाता है। उन्होेंने बताया कि वर्तमान तीन वर्षीय 2019-20 से 2021-22 चक्रानुसार उदयपुर की लीला होटल, उदयपुर सीमेंट, लार्डर्स क्लोरो अल्कली लिमिटेड अलवर, बीएस लिग्नाइट पॉवर गुरहा बीकानेर, जयपुर की आईटीसी राजपुताना होटल और उम्मेद भवन पैलेस जोधपुर शामिल है।

गौरतलब है कि ऊर्जा दक्षता के लिए केन्द्र सरकार की ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिसिएंसी नोडल संस्था हैं वहीं राज्य स्तर पर अक्षय ऊर्जा निगम स्टेट डेजिगनेटेड संस्था है। नियमानुसार ऊर्जा दक्षता नियमों की पालना करते हुए विद्युत बचत करते हुए दक्षता उपायों को अपनाना होता है। उन्होंने बताया कि आवश्यक प्रपत्रों में सालाना रिटर्न बीईई को प्रस्तुत करते हुए प्रति अक्षय ऊर्जा निगम को देनी होती है। उन्न्होंने बताया कि इस श्रेणी में आने वाले डेडिकेटेड विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली वचत के निर्धारित लक्ष्यों को अर्जित करने के साथ ही आवश्यक एनर्जी रिटर्नं समय पर प्रस्तुत करनी होती है।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि इस तरह के डेडिकेटेड उपभोक्ताओं में सीमेंट, टैक्सटाइल, थर्मल पॉवर प्लांट, रेल्वे, होटल्स, डिस्कॉम्स, रिफाइनरी, फर्टिलाइजर एवं केमिकल्स, व्यावसायिक भवन, लोहा व इस्पात आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा बिजली बचत के लिए परफार्म, एचिव एण्ड ट्रेड लक्ष्य दिए होते हैं जिनकी पालना सुनिश्चित करते हुए कार्यवाही करते हुए सूचनाएं देनी होती है। उन्होंने बताया कि ऊर्जा संरक्षण अधिनियम के तहत नियमानुसार व समय पर पालना नहीं करने पर पेनल्टी लगाने का प्रावधान है।

एसीएस डॉ. अग्रवाल ने बताया कि राजस्थान ऊर्जा दक्षता में राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर परिणाम देने वाले प्रदेशों में प्रमुख प्रदेश है और विभिन्न कैटेगरी में उल्लेखनीय परिणाम देने के फलस्वरुप पिछले दिनों 14 दिसंबर, 2021 को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में नेशनल एनर्जी कंजरवेशन अवार्ड से सम्मानित किया गया है। उन्होंने बताया कि एनर्जी एफिसिएंसी मानकों की पालना सुनिश्चित करना और कराना हमारा दायित्व है और इसके लिए उन्होंने प्रदेश के डेडिकेटेड विद्युत उपभोक्ताओं से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं वहीं सभी बिजली उपभोक्ताओं से बिजली दक्षता उपकरणों के उपयोग पर जोर दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *