राजस्थान में पहली बार जर्मन टेक्नोलॉजी से हुआ हार्ट का ऑपरेशन, चिरंजीवी योजना के तहत 7 लाख की हार्ट सर्जरी फ्री में हुई

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For the first time in Rajasthan, heart surgery was done with German technology, under Chiranjeevi scheme, heart surgery of 7 lakhs was done for free.

उदयपुर: जिले में 15 साल के बच्चे की एक हार्ट-सर्जरी की गई है। बच्चे का हार्ट काफी कमजोर होने से डॉक्टरों की टीम ने एक्मो मशीन और जर्मन टेक्नोलॉजी का प्रयोग करते हुए इस दुर्लभ सर्जरी को अंजाम दिया।

बता दे कि सर्जरी की खास बात यह थी की बच्चे की हार्ट सर्जरी करने के बाद उसका जर्मन टेक्नोलॉजी वाली एक्मो मशीन से इलाज किया गया। यह राजस्थान का पहला मामला है। साथ ही 7 लाख रुपए की ये सर्जरी चिरंजीवी योजना के तहत फ्री में की गई। गीतांजलि मेडिकल कॉलेज की 10 डॉक्टरों समेत 50 लोगों की टीम ने यह हार्ट सर्जरी की।

बच्चा दिनेश उदयपुर के फलासिया का रहने वाला रूमेटिक हार्ट डिजीज से ग्रसित था। बच्चा जब 15 मई को हॉस्पिटल पहुंचा तो हार्ट फेल के पूरे लक्षण डॉक्टर को दिखे। दिनेश को चलने-फिरने में ही सांस फूलने, पैर में सूजन, शरीर में कमजोरी, दिल की धड़कन तेज होने जैसी दिक्कत हो रही थी। इसके चलते दिनेश कोई भी काम नहीं कर पाता था।

बता दे कि, एक्स्ट्राकॉरपोरेल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनेश (एक्मो) वह तकनीक है, जिसमें मरीज को कार्डियक और रेस्पीरेटरी सपोर्ट मशीन के द्वारा दिया जाता है। गीतांजलि हॉस्पिटल के डॉ. संजय गांधी कहते हैं कि इससे लम्बे समय के लिए शरीर में हार्ट और फेफड़ों का काम लिया जाता है। इसे आर्टिफिशियल लंग भी कहते हैं।

 

 

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