जयपुर। कोरोना कहर के बीच अब तौउते चक्रपात आफत बनकर आ रहा है। दक्षिण पूर्व अरब सागर से उठे चक्रपाती तूफान तौउते वर्तमान में 11 किलोमीटर की तेज रफ्तार से गुजराज की तरफ बढ़ रहा है और इसके कल शाम पोरबंदर तट पर टकराने की संभावना हैं। इसका आंशिक असर राजस्थान में भी बारिश के रूप में नजर आएगा।
भारी बारिश की संभावना से चिंता बढ़ी
मौसम विभाग ने इसके लिए 18-19 मई को इस चक्रपात का सर्वाधिक असर बताते हुए उदयपुर, अजमेर, जोधपुर, कोटा व जयपुर संभागों में कहीं मेघगर्जन के साथ हल्की तथा कहीं भारी बारिश की संभावना बताई हैं। 21 मई को जाकर चक्रपात के कारण मौसम में आए बदलाव के समाप्त होने की संभावना हैं।

मौसम विभाग जयपुर के मौसम वैज्ञानिक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि वैसे तो इसका असर राजस्थान में 16 मई से ही नजर आना शुरू हो जाएगा,लेकिन 18 मईको इस सिस्टम के कमजेार होकर डिप्रेशन के रूप में दक्षिण-पश्चिम राजस्थान से प्रवेश की संभावना हैं।

चक्रपात का सर्वाधिक असर रहेगा 18-19 मई को
मौसम विभाग की यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार 16 मई को उदयपुर,जोधपुर व कोटा ंसभाग के जिलों के कुछ भाग में थंडरस्टोर्म के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश होगी। इसी प्रकार 17 मई को उदयपुर,जोधपुर, कोटा व अजमेर संभाग में हल्की व मध्यम बारिश तथा एक से दो स्थानोंं पर भारी बारिश हो सकती हैं।
राजस्थान में भी तेज हवाएं
18 मई को उदयपुर संभाग के कुछ जिलों में मेघगर्जन व वज्रपात के साथ 50 से 80 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ अत्यंत भारी बारिश की संभावना हैं, जबकि जोधपुर,कोटा व अजमेर संभाग के कुछ जिलों में कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना हैं। 19 मई को जयपुर संभाग में इन संभागों में जुड़ जाएगा और यहां 40 से 50 किलोमीटर की तेज हवाओं के साथ कहीं-कहीं भारी व अति भारी बारिश हो सकती हैं।
21 मई को कमजोर पड़ेगा चक्रपात
20 मई को अजमेर, जयपुर व भरतपुर संभाग के कुछ भागों में भारी बारिश हो सकती हैं। 21 मई को जाकर इस सिस्टम का प्रभाव खत्म होने की संभावना हैँ। तौउते से होने वाले नुकसान को देखते हुए राज्स के आपदा प्रबंधन में विभाग ने भी अर्लट जारी कर तैयारियां शुरू कर दी हैं।

