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कांग्रेस के आदिवासी नेताओं ने की सामाजिक समीक्षा बैठक, उठाया प्रशासनिक सेवाओं सहित सभी नौकरियों में सेपरेट 5.5 प्रतिशत आरक्षण का मुद्दा

सामाजिक समीक्षा

उदयपुर : अनुसूचित क्षेत्र राजस्थान में आरक्षण व्यवस्था में विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर सामाजिक समीक्षा बैठक बुलाई। अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिती के सदस्य रघुवीर सिंह मीणा के समन्वय में हुई बैठक में अनुसूचित क्षेत्र के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, सामाजिक संस्थाये एवं क्षेत्र के युवाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक के बाद प्रेस को सम्बोधित करते हुए रघुवीर सिंह मीणा ने बताया कि उदयपुर संभाग स्तरीय इस बैठक में राज्य सेवाओं में अनुसूचित क्षेत्र की जनजातियों के आरक्षण, अनुसूचित क्षेत्र हेतु रिक्तियों के अवधारण तथा गणना के आधार में संशोधन, अनुसूचित क्षेत्र में पदों के अवधारण एवं भर्ती हेतु राज्य को ही इकाई का प्रावधान किये जाने, राजस्थान अनुसूचित क्षेत्र अधीनस्थ, मंत्रालयिक एवं क्लास-प्ट सेवा नियम 2014 को समाप्त करने, प्रतियोगी परीक्षाओं के परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया में सरलीकरण आदि विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

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पूर्व मंत्री एवं विधायक महेन्द्रजीत सिंह मालविया ने बताया कि राज्य के अनुसूचित जनजाति में देय 12 प्रतिशत आरक्षण में से 5-5 प्रतिशत आरक्षण अनुसूचित क्षेत्र के जनजाति के लिए अलग से प्रावधान किया जावे ताकि इस क्षेत्र के प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व मिलने पर विकास के कार्य सुचारू रूप से सम्पादित होंगे। यह आरक्षण व्यवस्था सभी प्रकार की राज्य सेवाओं में प्रावधान किया जाना चाहिए। इस हेतु समाज को लम्बे संघर्ष की बात भी कही।

बैठक में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में समर्थन कर आरक्षण की विसंगतियों को दूर करने हेतु राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं जनजाति मंत्री के नाम सम्भागीय आयुक्त को ज्ञापन प्रेषित किया गया। पूर्व सांसद ताराचन्द भगोरा ने बताया कि सभी दलों के जनप्रतिनिधियों का समन्वय आवश्यक है ताकि अनुसूचित क्षेत्र की लम्बित मांगों का समाधान हो सके। मन्नालाल रावत ने अनुसूचित क्षेत्र में लागू आरक्षण के सम्बन्ध में तथ्यात्मक स्थिति प्रस्तुत की। बैठक में अन्य जन प्रतिनिधि शामिल थे।

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