सवाई माधोपुर : रणथंभौर नेशनल पार्क के टाइगर यहां आए पर्यटकों को खूब रोमांचित करते हैं। पिछले दिनों दो टाइगर ने पर्यटकों के सामने सांभर का शिकार करने की कोशिश की। हालांकि, एक टाइगर टी-121 अपनी कोशिश में सफल नहीं हो पाया, लेकिन सांभर के पीछे दौड़ते टाइगर को देखकर पर्यटकों की खुशी दोगुनी हो गई।
यहां से थोड़ी दूरी पर टाइग्रेस नूरी ने पर्यटकों को इस दृश्य से महरूम नहीं होने दिया। नूरी ने पर्यटकों की जिप्सी के सामने से दौड़ते हुए अपने परिवार के लिए सांभर का शिकार कर लिया। इन हैरतअंगेज दृश्यों को पर्यटकों ने अपने कैमरे में कैद किया। रणथंभौर नेशनल पार्क के जोन नंबर 2 में बाघिन नूरी घात लगाए बैठी थी। मौका मिलते ही वह सांभर पर झपट पड़ती है और अपने शिकार को दबोच लेती है। इस दौरान उसका एक शावक भी शिकार में साथ देता नजर आ रहा है।
बाघ टी-121 नहीं कर पाया शिकार
वहीं, पार्क के जोन-4 में टूरिस्ट ने टाइगर टी-121 के शिकार के लिए सांभर के पीछे दौड़ लगाने का वीडियो भी शूट किया है। यहां तालाब में एक सांभर पानी पी रहा था। अचानक मौका देख टाइगर सांभर के पीछे दौड़ पड़ता है। सांभर भी अपनी जान बचाने के लिए दौड़ लगाता है और पर्यटक वाहन जिप्सी और केंटरों के बीच आ जाता है और टाइगर का शिकार बनने से बच जाता है।
बाघिन टी-63 का बेटा है टी-121
टाइगर टी-121 बाघिन टी-63 का बेटा है। टाइगर टी-121 की उम्र करीब तीन साल है, जो जोन नंबर 4 में अपनी टेरेटरी बनाने की कोशिश कर रहा है। हाल ही में इसकी मां टी-63 ने नोन टूरिज्म जोन में तीन शावकों को भी जन्म दिया है। इससे पहले दो बार शावकों को जन्म दे चुकी है, जिनमें से दो बाघ टी-120 और टी-121 हैं। फिलहाल दोनों रणथंभौर के जोन नंबर 4 में हैं।
