जयपुर। राज्य के खनिज विभाग द्वारा अब अवैध खनन, निर्गमन और भण्डारणकर्ताओं पर और अधिक सख्त शिकंजा कसा जाएगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि अवैध खनन, परिवहन और भण्डारण पर कार्यवाही के दौरान जब्तशुदा सामग्री का राज्य सरकार के पक्ष में अधिहरण करवाया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को तय समय सीमा में नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश देते हुए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
एसीएस माइंस डॉ. अग्रवाल ने सोमवार को सचिवालय में खान विभाग के उच्चाधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने राज्य में अवैद्य खनन गतिविधियों पर सख्त और प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए। निर्देर्शों के अनुसार अवैद्य खनन, निर्गमन और भण्डारणकर्ता के कब्जे से खनिज वाहन, मशीनरी, औजार, उपकरण आदि जब्त करने के बाद तीन माह की अवधि तक समस्त जुर्माना राशि जमा नहीं कराई जाती है तो उस स्थिति में सक्षम न्यायालय में आवेदन कर जब्तशुदा सामग्री यथा ट्रेक्टर, जेसीबी मशीन, खनन गतिविधियों में काम में लिए जा रहे अन्य उपकरण, औजार आदि, इस कार्य में उपयोग में लिए जा रहे वाहन, जब्तशुदा खनिज सामग्री, बजरी आदि को राज्य सरकार के पक्ष में अधिहरण करवाया जाएगा।
बैठक में एसीएस माइंस डॉ. अग्रवाल ने खनन गतिविधियों में कोरोना प्रोटोकाल की पालना सुनिश्चत कराने के निर्देश दिए। बैठक में निदेशक माइंस केबी पण्ड्या, उपसचिव नीतू बारुपाल, हर्ष सावन सूखा, अतिरिक्त निदेशक बीएस सोढ़ा, ओएसडी महाबीर मीणा, डीएलआर गजेन्द्र सिंह आदि उपस्थित थे।
